Tuesday, February 9, 2010

आचार्य महामंडलेश्वर दाती मदन महाराज

आश्वासन गुरूकुल आलावास में आचार्य महामंडलेश्वर दाती मदन महाराज के सानिध्य में गणतंत्र दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर दाती महाराज ने अपने संदेश में कहा कि प्रत्येक इंसान को अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रखनी चाहिए।

Saturday, February 6, 2010

शनिधाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर परमहंस दाती महाराज













महानिर्वाणी की पेशवाई पर इतराई धर्मनगरी हरिद्वार, संतों की अलौकिक मौजूदगी, सांस्कृतिक सांचे में ढली झांकियां और सामाजिक चिंतन का अनुपम समागम महानिर्वाणी अखाड़े की पेशवाई में कुछ अलग हटकर दृश्य दिखाई दिया। यह देखने को तीर्थनगरी सड़कों पर उमड़ पड़ी। पूरे पेशवाई मार्ग पर मानव श्रृंखला अटूट रही। आसमान से फूल बरसा रहे चार्टर्ड प्लेन पर टकटकी लगी रही। पेशवाई के दौरान सुरक्षा भी बेहद कड़ी रही। बुधवार को महानिर्वाणी अखाड़े की पेशवाई कनखल स्थित महानिर्वाणी अखाड़े से निकली। देव व ध्वज पूजन के साथ देवता की पालकी निकली। आचार्य महामंडलेश्र्वर विश्र्वदेवानंद की अगुवाई में यह पेशवाई कनखल से शंकराचार्य चौक होते हुए शिवमूर्ति चौक पहुंची। यहां से दिल्ली मार्ग से होते हुए रेलवे स्टेशन से गुजरती हुई शंकर आश्रम चौक से सिंहद्वार होते हुए दोबारा कनखल में प्रविष्ट हुई। बुधवार को निकली यह पेशवाई सामाजिक सरोकारों से लैस रही। इसमें महामंडलेश्र्वर दाती महाराज के अनुयायियों ने तख्तियों पर लिखकर सामाजिक संदेश दिया, जिसमें कन्या भ्रूण रक्षा, पर्यावरण और जलसंरक्षण जैसे संदेश शामिल थे। क्रूर देव माने जाने वाले शनिदेव का सरल स्वरूप भी पेश किया गया। इसके अलावा आकर्षक वेश में डंडों पर चलने वाले नट कलाकार, मुखौटा नृत्य करते शेर आदि जानवरों का वेश धरे कलाकारों और दर्जन भर ऊंट भी पेशवाई के आकर्षण का केंद्र रहे। पेशवाई में उत्तराखंड की अधिष्ठात्री नंदा देवी की डोली भी श्रद्धा का केंद्र बनी।पेशवाई में घोड़े और पैदल नागाओं की बड़ी संख्या ने लोगों को आकर्षित किया और लोगों ने उन पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। पेशवाई के दौरान अखाड़े की ओर से एक चार्टर्ड प्लेन से आसमान से पुष्पवर्षा भी की जाती रही, जिस पर लोगों की टकटकी लगी रही। पूरी पेशवाई के दौरान सुरक्षा इंतजाम बेहद कड़े रहे। ऐसे में पुलिस प्रशासन के सामने कहीं भी विशेष दिक्कत पेश नहीं आई। कनखल स्थित अखाड़े से सुबह दस बजे रवाना हुई करीब चार किलोमीटर लंबी इस पेशवाई ने शाम को अपनी छावनी में प्रवेश किया। इस दौरान व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं व जनसामान्य ने जगह-जगह पेशवाई का स्वागत किया। पेशवाई में महामंडलेश्र्वर विश्र्वेवरानंद, कमल पुरी, जितेंद्र पुरी, प्रेमपुरी, देवेंद्र पुरी, दिव्यानंद, प्रेमानंद, जगदीश्र्वरानंद, रामेश्र्वर ब्रंाचारी के अतिरिक्त रमता पंच श्रीमहंत वासुदेव गिरि लाल बाबा, श्रीमहंत जगदीश्र्वरानंद, महंत रविंद्र पुरी, महंत हनुमान बाबा, श्रीमहंत संतोष भारती आदि शामिल रहे।



महाकुंभ: श्रद्धालुओं पर चला दाती महाराज का
हरिद्वार। हाथ के पंजों में एक नवजात की तस्वीर और साथ में संदेश 'मुझे मत मारो' कन्या भू्रण हत्या के खिलाफ यह मार्मिक अपील महानिर्वाणी अखाड़े की पेशवाई में महामंडलेश्वर दाती महाराज के समर्थकों ने की। तख्तियों के माध्यम से इन लोगों ने जल, पृथ्वी और गंगा संरक्षण को भी आवाज उठाई। इसके अतिरिक्त क्रूर ग्रह माने जाने वाले शनिदेव का सरल स्वरूप भी दिखाया।

टीवी चैनलों पर भविष्य बताने वाले नई दिल्ली स्थित शनिधाम मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर परमहंस दाती महाराज बुधवार को महानिर्वाणी अखाड़े की पेशवाई में शामिल हुए। बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ आए दाती महाराज शहर में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। उनकी पेशवाई में बड़ी संख्या में महिला समर्थक भी शामिल रहीं। काले लिबास में आए समर्थकों के हाथ में तख्तियां थीं। जिन पर विभिन्न संदेश लिखे थे। जैसे 'कन्या भू्रण हत्या बंद करो' 'वह विकल्प नहीं बिटिया है' 'वृक्ष लगाओ धरती को हरा भरा बनाओ' 'शनि शत्रु नहीं मित्र है' 'शनि भाग्य विधाता है'। इसके अलावा जल संरक्षण, गंगा संरक्षण और पृथ्वी संरक्षण को लेकर भी अनेक स्लोगन इन तख्तियों पर अंकित थे।

काले लिबासधारी समर्थकों और काले झंडों के साथ यह जुलूस पेशवाई में अलग ही रंग दिखा रहा था, जिसे देखने के लिए लोग इतने उत्सुक रहे कि घूम-घूम कर लोग यहीं पहुंच रहे थे। इस मौके पर दाती महाराज ने कहा कि गंगा का कभी अंत नहीं हो सकता, वह हमारी मां है लेकिन पृथ्वी को बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यदि पृथ्वी नहीं रही तो हम कहां रहेंगे। ऐसे में हरेक देशवासी को वृक्ष लगाने के अभियान में जुट जाना चाहिए। तभी पृथ्वी बचेगी, गंगा बचेगी और हम बचेंगे। कन्या भू्रण हत्या करने वालों को कठोर दंड की मांग उठाते हुए उन्होंने कहा कि कन्या ही जननी है, ऐसे में उसकी हत्या समाज के प्रति एक जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा कि कुंभ से निकला संदेश पूरे देश व विश्व में पहुंचता है, इसलिए वे कुंभ में यह संदेश लोगों को देने के लिए आए हैं। शनि को सरल ग्रह बताते हुए उन्होंने कहा कि वे कर्म के आधार पर भाग्य की रचना करने वाले देव हैं, ऐसे में उनसे डरने के बजाय उनका पूजन करना चाहिए।

Friday, January 29, 2010

दाती महाराज महानिर्वाणी अखाडे के महामण्डलेश्वर की उपाधि से विभूषित

हरिद्वार । बसंत पंचमी के पावन अवसर सन्यास मार्ग स्थित महानिर्वाणी अखाडा छावनी में एक विशाल सम्मेलन में शनिधाम दिल्ली के परमाध्यक्ष मदन महाराज (दाती) को महानिर्वाणी अखाडे के महामण्डलेश्वर की उपाधि से विभूषित किया गया । आज से उन्हें श्री महामण्डलेश्वर निज स्वरूपानन्द पुरी जी महाराज के नाम से जाना जायेगा। सम्मेलन की अध्यक्षता महानिर्वाणी अखाडे के महामण्डलेश्वर व विश्वकल्याण साधना यतन के अध्यक्ष आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वदेवानन्द जी महाराज व संचालन महंत वासुदेव गिरी व महंत रविन्द्रपुरी जी महाराज द्वारा किया गया । इस अवसर पर महाराज जी के भक्तो में जबरदस्त उत्साह दिखायी दिया और उन्होनें भारी आतिशबाजी कर महौल को उतेजना से भर दिया। उनके भक्तों द्वारा हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गयी। सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वामी जिससे वातावरण भक्तिमय बन गया । और पूरा पंडाल हर हर महादेव के नारे से गुंज उठा। इस मौके पर महानिर्वाणी अखाडे के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वदेवानन्द जी महाराज ने कहा कि दाती महाराज एक सुयोग्य संत हैं वे महान है और उदार हैं । उनमें महामण्डलेश्वर बनने के सभी गुण कुट-कुट कर भरे है। जिन्हें महामण्डलेश्वर की उपाधि देते हुए हम संतो को अत्यंत गौरव का अहसास हो रहा है।

नवनियुक्त महामण्डलेश्वर निज स्वरूपानन्द जी महाराज ने कहा कि सबसे बडा धर्म राष्ट्र धर्म हैं तथा प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शनि की उपासना कर उन्हेांने ख्याति प्राप्त की है तथा शनि महाराज की कृपा से ही आज उन्हें इस पद पर विभूषित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है ंउन्होंने कहा शनि एक ग्रह नही हैं अपितु पालक है तथा उनकी अराधना के द्वारा मनुष्य अपने कर्मो को सुधार कर उन्नति को प्राप्त करता है। समारोह में पहुंचे हरिद्वार के सभी महामण्डलेश्वर संतो ने दाती महाराज को चादर उडाकर महामण्डलेश्वर के पद पर आसीन किया । महत अर्जुन पुरी, महंत मित्र प्रकाश सिंह, महंत राजेन्द्र दास, महंत मोहन दास, महंत रघुवीर दास, मंहत भगवानदास सहित अनेकों संत महंत उपस्थित रहें।

महामंडलेश्वर दाती मदन महाराज ने अपने हाथों से निर्धनों को कंबलओढ़ाए गद्गद् हुए असहाय

कंबल पाकर गद्गद् हुए असहाय

भास्कर न्यूज & सोजत रोड

महामंडलेश्वर दाती मदन महाराज ने अपने हाथों से निर्धनों को कंबल ओढ़ाए तो वे गदगद हो उठे। वे गुरुवार को आलावास गांव स्थित आश्वासन गुरुकुल में शनिधाम ट्रस्ट की ओर से कंबल वितरण कार्यक्रम में थे। गुरुवार सर्द रात में सोजत क्षेत्र के सैकड़ों गरीब तबके के परिवारों को कंबल वितरित की गई।

इस मौके पर दाती महाराज ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा करना ही सच्चा मनुष्य धर्म है। इसे निभाकर ही मनुष्य जीवन का ऋण अदा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब गरीब परिवारों व असहायों को अपने पास पाता हूं तो अनायास ही उनकी सहायता का भाव पैदा हो जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर निर्धन परिवारों को सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। शीघ्र ही सोजत क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को और कम्बलें व स्वेटर वितरित किए जाएंगे, ताकि उन्हें सर्दी से राहत मिल सके। इस मौके पर सोजतरोड, आलावास, सिसरवादा, भैसाणा आदि स्थानों के करीब पांच सौ परिवारों को कंबलें वितरित की गई। कार्यक्रम में मां श्रद्धा, रामपाल, जबरसिंह, रमेशकुमार समेत काफी संख्या में शनिभक्त उपस्थित थे।

Thursday, January 28, 2010

संपूर्ण राष्ट्र को नववर्ष 2010 की हार्दिक शुभकामनाए

संपूर्ण राष्ट्र को नववर्ष 2010 की हार्दिक शुभकामनाए
दिनांक 01 जनवरी 2010 का शुभरंभ 31 दिसंबर 2009 की आधी रात के बाद हो रहा है। उस समय कन्या लग् व मेष नवांश उदय हो रहा है और ग्रहों की स्थिति निम् प्रकार से है।
कन्या में शनि उच्चाभिलाषी, कर्क में मंगल नीच राशि आय भाव में, धनु चतुर्थ भाव में सूर्य, बुध, शुक्र व राहु षष्ठ भाव में, गुरु व मिथुन राशि में चन्द्र केतु दशम भाव में है। ग्रहों की स्थिति सामान्य अच्छी है। इसलिए इस वर्ष पीछे से चली आ रही समस्याओं से सरकार को राहत मिलेगी और देश की स्थिति में स्थिरता आयेगी।
लग्ेश बुध चतुर्थ भाव में सूर्य, शुक्र, राहु के साथ है और अस्त नहीं है। परंतु राहु के साथ होने के कारण व लग् में शनि के बैठने के कारण देश में अमन शांति तो रहेगी परंतु कुछ शरारती तत्व सरकार के लिए छोटी-मोटी समस्या खड़ी करते रहेंगे। देश के अंदर आय के साधनों में बढ़ोतरी होगी। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ रहेगी। सरकार और विपक्ष में टकराव बढ़ेगा। विपक्ष बंटा हुआ रहेगा। सरकार के कुछ साथी विपक्ष के साथ मिलकर सरकार के लिए परेशानी भी पैदा कर सकते हैं। सरकार को अपनी विदेश नीति पर पुन: विचार करना होगा। विदेश से जन सहयोग में कमी रहेगी। पड़ोसी देश सीमा पर उत्पात, घुसपैठ करने की कोशिश करेंगे। परंतु कामयाब नहीं होंगे। पड़ोसी देश स्वयं अपनी इस गलती के कारण परेशान रहेगा। फिर भी सीमा पर सचेत रहने की जरूरत है। इस वर्ष शिक्षा का स्तर अच्छा रहेगा। टेक्ीकल व मेडिकल शिक्षा पर ज्यादा जोर रहेगा और सफलता भी मिलेगी। कल कारखानों की स्थिति अच्छी रहेगी। श्रमिक वर्ग के असंतोष में कमी आयेगी और उत्पादन बढ़ेगा। व्यापार का स्तर अच्छा होगा। विदेश संचार विदेश नीति की सफलता में कमी रहेगी। देश में धार्मिक संप्रदायवाद बढ़ेगा। जात-पात, जातिवाद को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार अपने साथी सहयोगीयों को खुश रखने में असमर्थ रहेगी। जिस का असर देश के विकास पर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय आयात-निर्यात अच्छा रहेगा। परंतु कुछ शरारती तत्व व बिचौलिया आयात-निर्यात को प्रभावित करेंगे। सरकार को कठोर कदम उठाने की जरूरत है।
यह वर्ष सामान्य रहेगा। विशेष तरक्की सरकार की आपसी ताल-मेल की वजह से प्रभावित होगी। यदि इस वर्ष को व्यक्ति विशेष व मेष आदि द्वादश राशियों के हिसाब से देखा जाए तो मेषादि के लिए निम् प्रकार से रहेगा।

मेष राशि

इस वर्ष के प्रारंभ में ग्रहों की स्थिति निम् प्रकार से रहेगी। मिथुन चन्द्र केतु तृतीय भाव में कर्क राशि, चतुर्थ भाव में मंगल, कन्या षष्ठ भाव में शनि, धनु नवम भाव में सूर्य बुध, शुक्र, राहू, एकादश, कुंभ राशि में गुरु है। शनि कन्या में व गुरु कुंभ में पूरे वर्ष रहेंगे। मेष राशि वालों को यह वर्ष व्यवसाय नौकरी व्यापार की दृष्टिकोण से शुभ व अनुकूल रहेगा। संपूर्ण व्यापारिक समस्याओं का निवारण होगा। कारोबार के नए अवसर प्राप्त होंगे। यदि आप नौकरी में है तो यह वर्ष आपको बहुत ही मनोनुकूल सफलता प्रदान करेगा। आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। भाग्य का सितारा आपको लगातार सफलता प्रदान करता रहेगा। वर्ष के उत्तरार्द्ध में अपने स्वयं के हठीस्वभाव, अति आत्मविश्वास और अहंकार के कारण कुछ समस्याओं का सामना अवश्य करना पड़ेगा। इस वर्ष आपको आलस्य व प्रमाद से बचना होगा। इस आलस्य और प्रमाद के कारण बहुत अच्छे मौके आपके हाथ से निकल जाएंगे। इस वर्ष कोई भी निर्णय चाहे वह कारोबार का हो, परिवार का हो, चाहे निजी जीवन से जुड़ा हुआ हो तो बहुत ही सोच विचार व बुजुर्गों की सलाह से लें। अगस्त और सितंबर माह विशेष सावधानी के होंगे शत्रुता के दृष्टिकोण से। शत्रु इन दो महीनों में हानि पहुंचाने का प्रयास करेंगे। वर्ष का प्रारंभ व वर्ष के अंत के कुछ महीनों को छोड़कर, वर्ष के मध्य हिस्से में परिवार, कारोबार व सफलता के दृष्टिकोण से शुभ व मंगलमय रहेंगे। जीवन साथी के साथ मधुर संबंध बनाने का प्रयास विशेष रूप से करना चाहिए। वैसे जीवन साथी का सहयोग पूरे वर्ष आपको मिलेगा परंतु आपको उनके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। इन सारी अनुकूलताओं के बावजूद भी स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह वर्ष आपके लिए अनुकूल नहीं रहेगा। खान-पान व रहन-सहन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ेगी। अन्यथा चिकित्सा भार बढ़ सकताहै। जिन मेष राशि को प्रतिकूल भाव स्वामी की या मार्केश आदि ग्रह भाव अंतरदशा व दशा चल रही हो उन्हें स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से विशेष सावधानी बरतनी होगी।
आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।
व्यवसाय और कैरियर की दृष्टि से व्यवसाय की दृष्टि से यह वर्ष अच्छा रहेगा। कारोबार में लाभ प्राप्ति के अनुकूल अवसर प्राप्त होंगे। परंतु उसके लिए आपको कठिन परिश्रम व स्वयं को अधिक प्रयास करना पड़ेगा। किए गए प्रयास सफल होंगे।
¨ मनोनुकूल सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
¨ कैरिअर के दृष्टिकोण से यह साल आपके लिए शुभ व लाभदायिक रहेगा।
¨ रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे।
¨ आपके साथ काम करने वाल अफ्सर व अधिकारी आपसे प्रसन्न व संतुष्ट रहेंगे।
¨ आपके कार्य करने की शैली की वजह से आपको विशेष जिम्मेदारी मिलने की संभावना भी है।
¨ यदि आप राजनीति में है तो आपके साहस व पराक्रम में वृद्धि होगी।
¨ किसी महत्वपूर्ण पद की प्राप्ति के प्रबल अवसर नजर आ रहे हैं।
¨ जनवरी से मई के बीच में तथा दिसंबर का महीना थोड़ा सावधानी बरतने का होगा।
¨ सरकार से हानि की संभावना। विवादित सौदों में नुकसान या किसी विशेष परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
¨ परंतु जून से लेकर नवंबर के महीने तक समय अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
¨ सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
¨ आर्थिक स्रोतों में वृद्धि होगी। धन लाभ के एक से अधिक साधन उपलब्ध होंगे।
¨ परंतु इन सब सफलताओं के साथ-साथ कर्मचारी वर्ग से सावधान रहना होगा
¨ क्योंकि कर्मचारी वर्ग आपके साथ विश्वासघात कर सकता है।
पारिवारिक स्थिति
¨ मेष राशि वालों के लिए पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
¨ परंतु वर्ष के प्रारंभ से लेकर मार्च महीने तक विशेष सावधानी बरतनी पड़ेगी।
¨ आप के लिए अप्रैल, मई का महीना अच्छा है।
¨ जून में कुछ स्वार्थी रिश्तेदारों की वजह से आर्थिक परेशानी रहेगी
¨ जो कि 15 जून से थोड़ी कम होने लगेगी।
¨ जुलाई का महीना घरेलू परेशानियों में व्यस्त रहेगा।
¨ अनावश्यक परिवारिक सदस्यों के साथ वाद-विवाद की संभावना बढ़ सकती है।
¨ परंतु अगस्त से लेकर नवंबर तक संपूर्ण पारिवारिक समस्याओं से छुटकारा दिलायेगा।
¨ दिसंबर के महीने में थोड़ा वाहनादि से सतर्क रहना पड़ेगा।
¨ किसी पारिवारिक सदस्यो से भी सतर्क रहना पड़ सकता है।
युवा वर्ग
¨ युवा वर्ग के लिए यह वर्ष मनोनुकूल बीतेगा।
¨ रोजगार संबंधी समस्याआेंं का निवारण होगा।
¨ नए व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
¨ नौकरी आदि में आने वाली समस्याओं का निवारण भी होगा।
¨ अनुकूल समय है। किए गए प्रयास अवश्य सफल होंगे।
¨ परंतु बृहस्पति व शनि दोनों का षडाष्टक योग है।
¨ कुटिल व स्वार्थी मित्रों से सावधान रहने की जरूरत है।
विद्यार्थी वर्ग
¨ विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष शिक्षा के दृष्टिकोण से अच्छा रहेगा।
¨ प्रयासों के अनुरूप परिणाम प्राप्त होंगे।
¨ प्रतियोगिता, परीक्षा आदि में विशेष सफलता हासिल होगी।
¨ क्योंकि वर्ष भर बृहस्पति पंचम भाव पर पूर्ण सप्तम दृष्टि रखेंगे।
¨ मनपसंद स्कूल, कॉलेज प्राप्त हो सकता है।
¨ समय का फायदा उठाएं व पढ़ाई में प्रयत्नशील रहें।

यात्रा
¨ यात्राओं के दृष्टिकोण से यह वर्ष मेष राशि वालाें के लिए मिलाजुला रहेगा।
¨ ज्यादा लंबी यात्राएं करने का अवसर कम ही प्राप्त होगा।
¨ परंतु आसपास की यात्राएं लगी रहेंगी।
¨ पारिवारिक सदस्यों के साथ घूमने-फिरने के अवसर प्राप्त होंगे।
¨ साथ ही यात्राएं शुभ व मंगलमय भी रहेंगी।
स्वास्थ्य
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह वर्ष विशेष अच्छा रहेगा।
¨ परंतु जनवरी से लेकर मई महीने तक केवल जिन व्यक्तियों को मारकेश या महादशा में अतिशत्रु ग्रह या अति निर्बल ग्रह की अंतर दशा आयेगी।
¨ उन्हें ही सामान्य स्वास्थ्य की चिंता बढ़ सकती है। सब को नहीं।
¨ उसके बाद पूरे वर्ष भर स्वास्थ्य को लेकर कोई विशेष चिंता नहीं नजर आ रही है।
¨ अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रात:काल उठें और योग का सहारा लें क्योंकि शनि षष्ठ भाव में हैं।
¨ षष्ठ भाव उपचय भाव है, इसलिए योग क्रिया करने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
क्या न करें 2010 में
मेष राशि:- किसी भी कार्य में इस वर्ष जल्दबाजी से बचना होगा। अपने आक्रोश और अपनी उत्तेजना को काबू में रखें।
अपने को श्रेष्ठ दिखाने की भावना मुसीबत में डाल देगी।
अगुवा नहीं बनें।
धैर्य और संयम का परिचय दें।
असफलता से न घबराएं

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार
¨ ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: इस मंत्र का जाप करें लाभ मिलेगा।
¨ गऊशाला में चारा व सरसों की खल दान करें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
¨ ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:
¨ पूरे वर्ष शांति रहे इसके लिए मंगलवार का व्रत व सुंदर काण्ड का पाठ करें।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
¨ प्रात:काल सूर्य को जल दें। माता-पिता के चरण छूएं।
¨ स्वास्थ्य के लिए हनुमान जी का चमेली के इत्र में सिंदूर की प्रतिमा पर लगवाएं।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 3 मुखी दो दाने, 12 मुखी एक दाना और 6 मुखी रुद्राक्ष दो दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।




वृषभ राशि
आपके लिए 31 दिसंबर 2009 की आधी रात के बाद 1 जनवरी 2010 को ग्रहों की स्थिति निम् प्रकार से है। वृषभ राशि अनुसार केतु व चंद्रमा द्वितीय भाव में मिथुन राशि में तृतीय भाव, कर्क राशि में मंगल पचंम भाव, कन्या में शनि अष्टम भाव धनु में सूर्य, बुध शुक्र राहु बैठे हैं तथा दशम भाव कुंभ राशि में गुरु रहेंगे।
इस वर्ष आपको केतु व राहु द्वितीय व अष्टम भाव में रहेंगे जो कि धन व आयु भाव का प्रतिनिधित्व करते हैं।
¨ वृषभ राशि वालों के लिए 2010 पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कुछ अधिक सफलता प्रदान करने वाला होगा।
¨ परंतु ग्रहों की दृष्टि मनोनुकूल नहीं रहने की वजह से इस वर्ष बहुत से कार्यों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा।
¨ कारोबार के दृष्टिकोण से यह वर्ष विशेष रूप से परिवर्तनशील रहेगा।
¨ वर्ष के प्रांरभ में कारोबार को लेकर मई तक उठापठक का सामना करना पड़ेगा।
¨ और लाभ प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता पड़ेगी।
¨ परंतु मई के बाद कार्यक्षेत्र में उन्नति के असवर मिलेंगे।
¨ मनोनुकूल साझेदारों की प्राप्ति होगी।
¨ रुके हुए धन व रुके हुए कार्य भी बनेंगे।
¨ यदि आप नौकरी में हैं तो आपका बॉस बहुत प्रसन्न रहेगा।
¨ मनोनुकूल स्थानांतरण, पदोन्नति व आर्थिक लाभ में भी वृद्धि होगी।
¨ परंतु पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष इतना अनुकूल नहीं नजर आ रहा है।
¨ जीवन साथी की ओर से कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
¨ संभव है कुछ वैचारिक मतभेद भी हों।
¨ परंतु यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रहेगी, चिंता का विषय नहीं है।
¨ वृषभ राशि वालों को वर्ष के अंत में स्वास्थ्य के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी।
¨ इस वर्ष छोटी-मोटी चोट लगने व दुर्घटना का भी योग नजर आ रहा है।
¨ वाहनादि से चोट लगने की संभावना है।
¨ विद्यार्थियों के लिए यह साल खुशियों से भरा रहेगा।
1किए गए प्रयास सफल रहेंगे।
¨ परीक्षा व प्रतियोगिता में मनोनुकूल सफलता मिलेगी।
¨ परंतु हलकी सी चूक व लापरवाही बहुत मोटा नुकसान कर सकती है।
¨ इसीलिए विद्यार्थियों को थोड़ा सा सावधान रहना पड़ेगा।
आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।
व्यवसाय और कैरियर की दृष्टि से
¨ वृषभ राशि वालों को व्यावसायिक दृष्टिकोण से इस वर्ष प्रारंभिक कुछ महीनों में परेशानियाें, व्यर्थ की उठा-पठक की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
¨ मई के बाद इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
¨ तत्पश्चात किये गए प्रयास सफल होंगे।
¨ स्व पराक्रम, कठिन परिश्रम एवं मित्रों के सहयोग से रुक हुए कार्य बनेंगे।
¨ अकस्मात धन लाभ होगा। सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
¨ कैरिअर के दृष्टिकोण से नए रोजगार की प्राप्ति, नौकरी में प्रमोशन, अनुकूल स्थानांतरण व आर्थिक स्थिति मनोनुकूल रहेगी।
¨ भूमि, भवन और वाहन की प्राप्ति के प्रबल योग हैं।
¨ देश-विदेश से नए कारोबारी संबंध बनेंगे।
¨ सरकार से लाभ प्राप्त होगा।
¨ पूंजी निवेश के लिए जून व नवंबर का महीना लाभकारी रहेगा।
¨ गुरु दशम भाव में अच्छा फल नहीं देता है परंतु नुकसान भी नहीं देगा।
¨ लेकिन प्रत्येक कार्य में सामान्य से ज्यादा ही खर्च कराकरकार्य सिद्धि देगा।
¨ इसलिए कार्य में परिवर्तन करते समय बहुत ध्यान बरतें।

पारिवारिक स्थिति:-
¨ वृषभराशि वालों के लिए पारिवारिक सुख के दृष्टिकोण से वर्ष के प्रारंभ में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
¨ दांपत्य सुख में कमी आएगी।
¨ माता-पिता व संतान सुख को लेकर चिंतित रहेंगे।
¨ और यह समस्या सितंबर, अक्टूबर और नवंबर माह में परेशान कर सकती है।
¨ इसीलिए विशेष सावधानी बरतें।बहुत जरूरी है इस वर्ष आपको नैतिकता का दामन पकड़ना और वैवाहिक रिश्तों की कद्र करना।
¨ यदि इस वर्ष आपने थोड़ी असावधानी बरती तो अपयश का सामना करना पड़ेगा।
¨ परंतु यदि आपको केन्द्र त्रिकोण की महादशा चल रही हो तो पारिवारिक स्थिति अच्छी भी रह सकती है।
¨ परंतु यदि इतर भाव (6-8-12) की महादशा रहेगी तो सामान्य रुकावटों के कारण घर में अशांति रहेगी।
¨ इसलिए अपनी महादशा अंतर दशा का भी ध्यान रखें।
¨ आपको केवल बच्चों की तरफ ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।
¨ उनकी पढ़ाई, शादी, नौकरी में पूरा वर्ष अव्यस्था रहेगी।
¨ इसका असर आप के स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा।
¨ धर्मपत्नी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

युवा वर्ग:-
¨ युवा वर्ग के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा।
¨ रोजगार की समस्याओं का निवारण होगा।
¨ अच्छी कंपनियों में नौकरी मिलने की संभावना है।
¨ यदि आप लोग अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो भी यह समय आपके लिए अनुकूल व लाभकारी रहेगा।
¨ परंतु युवा वर्ग को रिश्तों को लेकर बहुत सावधानी बरतनी होगी।
¨ इस वर्ष निरर्थक भटकाव हो सकता है।

विद्यार्थी वर्ग:-
¨ विद्यार्थियों के लिए यह साल शिक्षा के दृष्टिकोण से अतिशुभ व सफलता प्रदान करने वाला होगा।
¨ इस वर्ष शनि आपको शिक्षा में अद्भुत सफलता दिलाएगा।
¨ परीक्षा परिणाम मनोनुकूल रहेंगे।
¨ पढ़ाई के अच्छे साधन उपलब्ध होंगे।
¨ मनोनुकूल अभिलाषाएं पूरी होंगी।
¨ हां, एक बात का विद्यार्थियों को विशेष ध्यान देना होगा कि अधिक देर तक रात्रि भ्रमण न करें।
¨ और अपने चारों ओर के कुटिल मित्रों से बचकर रहें।
¨ मित्रमंडली आपको डुबो सकती है।

यात्रा
¨ यात्राओं के दृष्टिकोण से वृषभ राशि वालों के लिए यह वर्ष अनुकूल रहेगा।
¨ कारोबार को लेकर की गई यात्राएं अनुकूल परिणाम दिलाएगी।
¨ किसी खास मकसद को लेकर यदि आप यात्रा कर रहे हैं तो आपके लिए शुभ महीने अप्रैल, अगस्त और नवंबर विशेषकर लाभकारी रहेंगे।
¨ यदि आप भ्रमण या घूमने-फिरने के लिए स्वयं के साधन से यात्रा पर निकलें तो अपने साथ जटा वाला नारियल लाल कपड़ें लपेट कर ऊपर से कलावा लपेट कर गाड़ी में जरूर रखें।
¨ आपके लिए कल्याणकारी रहेगा।

स्वास्थ्य की दृष्टि से:-
¨ स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष कुछ ढीला रहेगा।
¨ परंतु अलग-अलग महीने में स्वास्थ्य निम् प्रकार से रहेगा।
¨ जनवरी, फरवरी, मार्च तीनों महीने बहुत अच्छे रहेंगे।
¨ परंतु अप्रैल का महीना शुभ रहते हुए कुछ घूमने-फिरने में व्यस्त रहने के कारण स्वास्थ्य ढीला रहेगा।
¨ खान-पान में ध्यान दें। मई, जून का महीना स्वास्थ्य के लिए विशेष अच्छा नहीं है।
¨ इसीलिए इन महीनों में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
¨ परंतु 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच में मानसिक परेशानियों की वजह से पीड़ित रहेंगे। 15अगस्त से सितम्बर का महीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से शुभ रहेगा।
¨ स्वास्थ्य में सुधार आयेगा परंतु अक्टूबर , नवम्बर, दिसम्बर का महीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कष्टकारक रहेगा।
¨ थोड़ी सी सावधानी बरतें।
¨ इस वर्ष पेट संबंधी बीमारी उच्च रक्तचाप, स्त्री जन्य रोग, खून की कमी, ऐसी बीमारियों से आपको ¨ विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है।

क्या न करें 2010 में
वृषभ राशि
इस वर्ष कान के कच्चे नहीं रहें। सुनी सुनाई बातों पर निर्णय नहीं करें।
खर्चे पर अंकुश रखें।
आप जो कहेंगे वही ठीक है, ऐसा होता नहीं है। इसका अवलोकन जरूर करें।
दबाव की नीति दरार का कारण बनेगी।
किसी पर बिना कारण अंधविश्वास और किसी पर अकारण अविश्वास दोनों ही नुकसानदायक रहेंगे।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
¨ ॐ रा राहवे नम:
¨ मंदिर में भगवान जी की पोशाक चढ़ाएं। ऐसा करने से आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा और संतान आपके अनुसार रहेगी।
¨ नियमित ॐ नमो भगवते वासुदेवाय इस मंत्र का जाप करते हुए 5 पत्ते तुलसी निगल जाएं।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा के लिए
¨ प्रतिदिन राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
¨ घर में तुलसी की पौध लगाएं व प्रात:काल उसे जल दें व सांय काल उसके नीचे शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
¨ श्रद्धापूर्वक दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
¨ पूरे वर्ष हर सोमवार को श्रद्धानुसार दही दूध व चावल गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 4 मुखी तीन दाने, 13 मुखी एक दाना और 6 मुखी तीन दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।




मिथुन राशि
सन् 2010 के वर्षारंभ ग्रहों की स्थिति निम् प्रकार से है। मिथुन राशि अनुसार केतु लग् में मंगल द्वितीय भाव, कर्क में शनि चतुर्थ भाव, कन्या राशि में सूर्य बुध शुक्र राहु सप्तम भाव धनु राशि में व नवम भाव में कुंभ राशि में गुरु रहेंगे। ग्रहों की स्थिति सामान्य अशुभ फल देने वाली है। केतु व राहु आप को वर्ष भर लग् सप्तम भाव में रहेंगे जिसके कारण आपको मध्यम स्वास्थ्य व बनते कार्यों में रुकावट का सामना करना पड़ेगा। इस वर्ष केवल गुरु अच्छी स्थिति में रहेंगे जो सामान्य फल देता है। शनि चतुर्थ भाव में रहेंगे। चतुर्थ भाव में ढइया अशुभ फल देती है, इसलिए वर्ष खराब रहेगा।
¨ मिथुन राशि वालों के लिए यह वर्ष मध्यम लाभकारी रहेगा।
¨ कारोबारी सफलता के लिए मिथुन राशि वालों को कठिन परिश्रम व प्रयत्न करना पड़ेगा।
¨ आपको अनावश्यक रूप से मानसिक पीड़ा, आपसी मतभेद, व्यर्थ की भागदौड़, कार्य में बाधा।
¨ वर्ष के प्रारंभिक समय में इन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
¨ आर्थिक दृष्टिकोण से प्रारंभिक दौर कुछ कष्टकारी रह सकता है।
¨ इस समय अपनी आर्थिक दृष्टि को देखकर ही खर्च करें अन्यथा खचर्ें े के कारण परेशानी आ सकती है।
¨ विशेष रूप से मार्च और अप्रैल का महीना विशेष सावधानी का नजर आ रहा है।
¨ वर्ष का उत्तरार्द्ध भाग आपके लिए अच्छा रहेगा। मनोनुकूल कार्य परिवर्तन होंगे।
¨ गुजारे लायक धन की प्राप्ति होगी। पूर्व की समस्याओं का कुछ निवारण होगा।
¨ यदि आप नौकरी में हैं तो आशानुकूल सफलता का योग भी नजर आ रहा है।
¨ परंतु मैं आपसे यह कहना नहीं भूलूंगा की व्यवसाय के दृष्टिकोण से आपको विशेष सावधानी व सतर्कता बरतनी होगी।
¨ पूंजी निवेश सोच-समझ कर करें। विवादित भूमि संबंधी सौदों से दूर रहें।
¨ पारिवारिक दृष्टिकोण से भी इस वर्ष चाहकर भी सुख और सौहार्द्र पूर्ण वातावरण में नहीं रह पाएंगे।
¨ दांपत्य जीवन में कटुता आएगी। पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी इस वर्ष आपको चिंता रहेगी।
¨ विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के दृष्टिकोण से अच्छा रहेगा।
¨ मात्र आपको थोड़ी सी मेहनत करने की जरूरत है, सफलता आपके कदम चूमेंगी।
¨ एकाग्रता बनाए रखें। दिमागी अस्थिरता से दूर रहें।
¨ छोटे-मोटी परेशानियों से आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।
¨ सफलता आपका इंतजार कर रही है।
¨ चतुर्थ भाव से शनि षष्ठ भाव दशम भाव व लग् को देखेंगे।
¨ इस कारण यह वर्ष परेशानी भरा रहेगा।
¨ व्यवसाय की परेशानी रहते हुए भी आर्थिक स्थिति सामान्य अच्छी रहेगी ।
¨ क्योंकि बृहस्पति नवम भाव से लग् तृतीया व पंचम भाव को देखेंगे और शुभफल देंगे।
¨ यह वर्ष आपके लिए बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहेगा।
¨ साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष सावधान और सचेत रहने की जरूरत है।

आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यवसाय और कैरियर
¨ मिथुन राशि वालों को व्यावसायिक दृष्टिकोण से इस वर्ष विशेष सावधान रहने की जरूरत है।
¨ वैसे बृहस्पति धन का कारक है।
¨ बृहस्पति नवम भाव में अनुकूल फलप्रदान करता है।
¨ परेशानियों के साथ-साथ गुजारे लायक धन की प्राप्ति होती रहेगी।
¨ परंतु फिर भी आपको नए व्यापार, नए कारोबार विस्तार को करना होगा।
¨ क्योंकि धन की कमी की वजह से बीच में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
¨ इसीलिए बहुत जरूरी है, सावधानी बरतना।
¨ शेयर मार्कि ट में बहुत ही नितांत सर्तकता बरतने की जरूरत है।
¨ हां, यदि आप नौकरी में हैं तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी।
¨ सरकारी समस्याओं का निवारण होगा। मनोनुकूल सुखद परिणाम प्राप्त होंगे।
¨ इस वर्ष व्यवसाय में अधिकारी वर्ग सरकारी कर्मचारी के द्वारा परेशानी ज्यादा रहने की संभावना है। इसलिए इससे बचें।
¨ नौकरी वाले जातकों को अधिकारी वर्ग का सहयोग कम से कम मिलेगा।
¨ अधिकारी वर्ग से सचेत रहें।
¨ अधिक कार्य भार सौपा जा सकता है।
¨ अच्छी जगह से खराब जगह स्थानांतरण किया जा सकता है।
¨ इसलिए वाद-विवाद से बचें।
¨ व्यवसाय में कोई नया परिवर्तन न करें।
¨ नौकरी में परिवर्तन न करें।
¨ यदि जरूरी हो तो बहुत सोच समझ कर करें।
¨ परेशानी बढ़ सकती है।

पारिवारिक स्थिति:-
¨ मिथुन राशि वालों के लिए पारिवारिक सुख-शांति के दृष्टिकोण से यह वर्ष अनुकूल नहीं है।
¨ पारिवारिक मतभेद उभरेगा और घर में अशांति रहेगी।
¨ घर, मकान, प्रोपर्टी बेचने-खरीदने में हानि होगी।
¨ इसलिए जमीन-जायदाद का बंटवारा में,आपसी झगड़ा न करें।
¨ प्रोपटी जैसी है, वैसी रहने दें या बहुत ही सावधानी एवं प्रेम पूर्वक संपत्ति का बंटवारा करें।
¨ कोई धार्मिक कार्य हो सकता है।
¨ माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
¨ माता-पिता से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं।
¨ उनकी वजह से कोई भी कारण हो आप को अपने कार्य करने में परेशानी आ सकती है।
¨ इसलिए सचेत रहें।

युवा वर्ग:-
¨ युवा वर्ग के लिए यह वर्ष सामान्य रहेगा।
¨ परंतु नौकरी और व्यवसाय में कठिन परिश्रम करना पड़ेगा।
¨ कठिन परिश्रम के बावजूद सफलता देरी से मिलेगी।
¨ अनैतिक कार्यों से दूर रहें।
¨ सरकार से पंगा नही लें एवं माता-पिता की सलाह को अनदेखा न करें।
¨ अन्यथा परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
¨ मित्र मंडली आपको गलत कार्यों से जोड़ सकती है, उनसे भी सावधान रहें।

विद्यार्थी वर्ग
¨ विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष शिक्षा के दृष्टिकोण से उत्तम रहेगा।
¨ किए गए प्रयास सफल होंगे।
¨ परीक्षा परिणाम उत्तम रहेगा।
¨ परंतु मानसिक अस्थिरता को उत्पन्न न होने दें।
¨ छोटी-छोटी चीजों को लेकर क्रोध न करें।
¨ एकाग्रता बनाए रखें, सफलता आपका इंतजार करेगी।

यात्रा:-
¨ यात्रा के दृष्टिकोण से मिथुन राशि वालों के लिए यह अनुकूल नहीं कहा जा सकता है।
¨ अति आवश्यक होने पर ही यात्रा करें ।
¨ उसमें भी आपको विशेष सावधानी की आवश्यकता है।
¨ यात्रा में अनावश्यक खर्च बढ़ेगा।
¨ निजी वाहन से लंबी यात्रा करना नुकसानदायक रहेगा।
¨ साथ ही छोटी-मोटी दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता सकता है।
¨ बहुत जरूरी है मई महीने के बाद ही कोई लंबी यात्रा करें।
¨ यात्रा में जाते समय नारियल को नीले कपड़े में लपेट ऊपर से कलावा बांधकर अवश्य अपने साथ लेकर जाएं।
¨ यात्राएं ठीक रहेगी।

स्वास्थ्य:-
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मिथुन राशि वालों के लिए यह वर्ष ढीला रहेगा।
¨ मध्यम स्वास्थ्य रहने की संभावना है।
¨ क्योंकि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ग्रह योगायोग अनुकूल नजर नहीं आ रहे हैं।
¨ इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
¨ विशेष कर वे व्यक्ति जिन्हें प्रतिकूल भाव के स्वामी या द्वितीय, सप्तम भाव संबंधी महादशा में अंतर दशा चल रही हो।
¨ इस वर्ष महीने के आधार पर स्वास्थ्य की स्थिति इस प्रकार से रहेगी।
¨ जनवरी, फरवरी का महीना कष्टकारी रहेगा।
¨ 15 फरवरी के बाद कुछ राहत महसूस होगी।
¨ इसलिए इस महीने वाहन दुर्घटना से बचें। संयम से गाड़ी चलाएं।
¨ अप्रैल, मई का महीने सभी प्रकार की परेशानियों से निजात दिलायेगा व स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
¨ जून, जुलाई का महीना काफी परेशान करने वाला रहेगा।
¨ स्वास्थ्य व धन दोनों प्रकार की परेशानी बढ़ेगी।
¨ अगस्त का महीना अच्छा है।
¨ परिवार के सहयोग से कष्ट निवारण होगा।
¨ सितम्बर, अक्टूबर का महीना स्वास्थ्य के अनुकूल नही हैं।
¨ आंखों के रोग और बुखार मलेरिया आदि से पीड़ित होना पड़ सकता है।
¨ नवम्बर का महीना बहुत अच्छा है।
¨ परंतु दिसम्बर में धर्म पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
¨ महिलाओं को इस साल छोटी-मोटी शल्य चिकित्सा का सहारा लेना भी पड़ सकता है।
¨ विशेष रूप से मिथुन राशि वालों को थाइराइड, गले की तकलीफ, श्वास नली में तकलीफ, स्नायु दुर्बलता, चर्म रोग जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
¨ छोटे बच्चों को इन बीमारियों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी।

क्या न करें 2010 में
मिथुन राशि:-
दोहरेपन से बचें।
अपने लाभ के चलते दूसरों का हक नहीं मारें।
निराशा, आलस्य और बकर्मण्यताको अपने ऊपर हावी नहीं होने दें।
भावनाओं में बह कर निर्णय न लें।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
¨ शनि उपासना प्रतिदिन करें। शनि मंत्र का जाप करें। मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:। शनिवार को शनि तैलाभिषेक करें।
मंगलवार को हनुमान जी की प्रतिमा पर सिंदूर लगवाएं व प्रसाद बांटे और सुंदर काण्ड का पाठ करें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
¨ चीटियों को आटे में शक्कर मिलाकर डालें।
दूध और चावल मंदिर में दें।
पीले रंग की कौड़ियां जलाकर उसकी राख अपने ऊपर से सात बार उसार कर नदी में बहा दें।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
नियमित घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करें।
पीतल के बर्तन में गंगा जल भरकर घर में रखें।
पीले कपड़े में चने की दाल बांधकर मंदिर में दान करें।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 4 मुखी दो दाने, 11 मुखी तीन दाना और 8 मुखी दो दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।


कर्क राशि
31 दिसंबर 2009 की रात्रि 12 बजे के बाद। जनवरी 2010 के प्रारंभ में कर्क राशि के जातकों के लिए ग्रहों की स्थिति निम् प्रकार से है। प्रथम भाव कर्क में मंगल द्वादश भाव मिथुन में चंद्र केतु तृतीय भाव कन्या में शनि षष्ठ भाव धनु में सूर्य बुध शुक्र राहु व अष्टम भाव में गुरु पूरे वर्ष गोचर करेंगे।
¨ कर्क राशि वालों के लिए वर्ष 2010 खुशी का एक नया पैगाम लेकर आ रहा है।
¨ इस राशि के सभी जातक-जातिकाओं के लिए इस वर्ष शनिदेव कृपा की बरसात करेंगे।
¨ कारोबारी सफलताओं से मन उत्साह से भरा रहेगा।
¨ सभी रुके हुए कार्य पूरे होंगे।
¨ कारोबार में विस्तार होगा।
¨ स्थायी रूप से कारोबारी संबंध बनेंगे।
¨ धन प्राप्ति के स्रोत बढ़ेंगे।
¨ यह अलग बात है कि वर्ष के प्रारंभ में थोड़ी सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
¨ मन में बेचैनी व असंतोष के भाव भी रह सकते हैं।
¨ यह समय अधिक देर तक नहीं रहेगा।
¨ भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
¨ भाग्य का सितारा आपके साथ है।
¨ मनोनुकूल सफलता प्राप्त होगी।
¨ बृहस्पति के अष्टम भाव में रहने से खर्चों में अधिकता रहेगी।
¨ इसीलिए खर्चे मंगल कार्यों पर होंगे।
¨ वे लोग जिनके पास रोजगार नहीं है, रोजगार संबंधी समस्या का निवारण होगा।
¨ वे लोग जो नौकरी में है उनकी पदोन्नति होगी।
¨ मनचाही जगह पर स्थानांतरण होगा।
¨ कैरिअर और नौकरी के हिसाब से इस साल ज्यादा परेशानी झेलनी नहीं पड़ेगी।
¨ नई जिम्मेवारियां मिल सकती हैं।
¨ जिस विभाग में आप काम करते हैं उसमें आपका महत्व व गरिमा बढ़ेगी।
¨ धन लाभ के स्रोत बढ़ेंगे।
¨ इस वर्ष आप लोगों का सामाजिक, मान-सम्मान, सुयश बढ़ेगा।
¨ संपूर्ण किए गए प्रयास और प्रयत्न मनोनुकूल फल प्रदान करेंगें।
¨ व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह वर्ष आपके लिए अत्यधिक लाभपूर्ण रहेगा।
¨ आपका सहज स्वभाव, आपकी कार्यशैली, इस वर्ष आपको सफ लता प्रदान कराने में अत्याधिक सहायक रहेगा।
¨ इस वर्ष किया गया पूंजी निवेश उत्तम लाभ दिलाएगा।
¨ पारिवारिक दृष्टिकोण से भी स्थितियां अनुकल रहेंगी।
¨ पारिवारिक वातावरण सौहार्द्र पूर्ण रहेगा और संतान पक्ष भी आपके लिए मनोनुकूल रहेगा।
¨ कर्क राशि वालों के सभी जातक-जातिकाओं को अगस्त और अक्टूबर के महीने में सभी दृष्टिकोण से सावधानी बरतने की जरूरत है।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से विशेष रूप से जनवरी, मार्च, नवंबर तथा दिसंबर का महीना कुछ परेशानियों से भरा रहेगा।
¨ इन महीनों में स्वास्थ्य पर थोड़ा सा ध्यान देना होगा।
¨ शिक्षा के दृष्टिकोण से यह वर्ष विद्यार्थियों को उत्तम फल प्रदान करेगा।
¨ इस वर्ष में होने वाली सभी परीक्षाओं व प्रतियोगिताओं में किए गए प्रयास मनोनुकूल रहेंगे और आशानुकूल परिणाम भी प्राप्त होंगे।
¨ हां, एक बात का अवश्य ध्यान रखें कि आपकी एकाग्रता भंग नहीं हो।
आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यवसाय और कैरियर:-
¨ कर्क राशि वालों के लिए व्यवसाय और कैरियर के दृष्टिकोण से यह वर्ष अच्छा रहेगा।
¨ इस वर्ष आपको पीछे से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी और अच्छी सफलता मिलेगी।
¨ व्यवसाय में परिवर्तन का योग है।
¨ आप व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करें।
¨ आप को लोगों का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा और तरक्की मिलेगी।
¨ आपको साथियों व कर्मचारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।
¨ जिस कारण आगे बढ़ने में सफलता मिलेगी।
¨ नौकरी करने वालों के लिए यह वर्ष अच्छा है।
¨ इस वर्ष नौकरी में पदोन्नति प्राप्त होगी और आय के साधन बढ़ेंगे।
¨ अधिकारी वर्ग से अच्छा सहयोग प्राप्त होगा।
¨ परंतु अनावश्यक खर्चों में भी वृद्धि होगी क्योंकि बृहस्पति आपी राशि पर वर्ष भर अष्टम भाव से गोचर में रहेंगे।
¨ इसलिए आप सोच समझ कर चलें और उधार देनेदारी से बचें।
¨ यात्रा आदि यदि जरूरी हो तभी करें क्योंकि अधिक खचर्ें वाला वर्ष है।
¨ अच्छी आय के साथ-साथ अच्छी तरह खचर्ें भी बढ़ेंगे।

पारिवारिक स्थिति:-
¨ इस वर्ष अच्छी रहेगी।
¨ शनि और बृहस्पति के तीसरे और अष्टम भाव में रहने से कोई भी पारिवारिक समस्या ज्यादा देर परेशान नहीं कर सकती इस वर्ष में।
¨ हां, संतान पक्ष को लेकर थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा।
¨ पैतृक संपत्ति के बंटवारें में धैर्य से काम लेंगे तो विवादों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
¨ वैसे संतान के व्यवसाय, नौकरी आदि में आने वाली रुकावटों का निवारण होगा।
¨ भूमि, भवन और वाहन सुख की प्राप्ति होगी।
¨ सुख और सौहार्द्र के वातावरण में बढ़ोतरी होगी।

युवा वर्ग
¨ युवा वर्ग के लिए यह वर्ष सामान्य रहेगा।
¨ युवा वर्ग को वर्ष के प्रारंभ में कार्य सफलता के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा।
¨ परंतु मेहनत के अनुरूप फल की प्राप्ति अवश्य होगी।
¨ भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
¨ नौकरी में सफलता का योग है।
¨ अपने अधिकारियों से संबंध अच्छा बनाकर रखना होगा।
¨ व्यवसाय शुरु कर सकते हैं।
¨ मित्र व भाई बंधुओं के सहयोग से सफलता का योग है।
¨ समय का लाभ उठाएं।

विद्यार्थी वर्ग
¨ विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष शिक्षा के दृष्टिकोण से सफलता प्रदान कराने वाला होगा।
¨ किए गए प्रयासों के अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे।
¨ मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को इस वर्ष बहुत ही मनोनुकूल परीक्षा परिणाम प्राप्त होंगे।
¨ पारिवारिक सहयोग शिक्षा प्राप्ति में बहुत ही अनुकूल रहेगा।
¨ आवश्यकता के अनुसार धन की प्राप्ति भी होगी।
¨ हां, वे लोग जिन्हें शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, पढ़ना उनकी मजबूरी है, उन्हें इस वर्ष सावधान रहना पड़ेगा।
¨ गुरुजनों से टकराव से बचना चाहिए।
¨ साथ ही अनैतिक कार्यों व अनैतिक संबंधों से बचना होगा, अन्यथा मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

यात्रा
¨ इस वर्ष पारिवारिक सदस्यों के साथ लंबी यात्रा का भी योग नजर आ रहा है।
¨ व्यवसाय के दृष्टिकोण से की गई यात्राएं लाभदायक रहेगी।
¨ एक बात और कहना चाहता हूं- कर्क राशि वालों को इस वर्ष धरनों, राजनैतिक रैलियों की यात्राओं में थोड़ा सा सावधानी की आवश्यकता नजर आ रही है।
¨ यदि स्वयं के वाहन से यात्राओं पर निकलते हैं तो भगवान शिव की ध्यानावस्था की अंगुष्ठ प्रमाण मूर्ति अपने वाहन में अवश्य रखें।

स्वास्थ्य :-
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सुकून भरा रहेगा।
¨ मेरे अनुभव अनुसार कोई लंबी बीमारी का योग मुझे नजर नहीं आ रहा है।
¨ फिर भी आपको विशेष रूप से खान-पान पर ज्यादा देना होगा।
¨ ऐसा भोजन न करें जो गरिष्ठ हो, जो अभक्ष्य हो।
¨ जनवरी, मार्च, नवंबर और दिसंबर महीने में विशेष रूप से उदर पीड़ा, कब्ज, गैस, चर्म रोग, पीलिया आदि जैसी बीमारियों से थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है।
¨ साथ ही झोला छाप डाक्टरों से मोटा नुकसान हो सकता है।
¨ इस बात पर ध्यान दें।
¨ पारिवारिक सदस्यों का इन महीनों में विशेष रूप से ध्यान रखें।
¨ साथ ही वो महिलाएं जो गर्भवती हैं, उन्हें खास खयाल रखना चाहिए इन महीनों में ।

क्या न करें 2010 में
कर्क राशि:- किसी भी कार्य को बिना सोचे समझे करेंगे तो हानि होगी।
अस्थिरता असफलता का कारण बनेगी।
धैर्य नहीं खोएं।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
¨ हनुमान चालीसा का पाठ करें।
¨ किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई में मदद करें। उसको किताब-कापी के साथ स्कूल ड्रेस आदि में मदद करें। भला होगा।
लोहे की गोली पर लाल रंग करके अपने पास रखें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
¨ प्रतिदिन रामरक्षा स्त्रोत का पाठ करें।
¨ अच्छी सुख-सुविधाओं के लिए प्रतिदिन गाय को आटे के पेड़े में गुड़ रख के खिलायें।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
शिव उपासना करें व शिव लिंग पर जल चढ़ाएं।
प्रतिदिन माथे पर केसर का तिलक लगायें।
बृहस्पतिवार को चने की दाल व हल्दी पीले कपड़े में बांधकर दान दें।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 2 मुखी चार दाने, काजू रुद्राक्ष एक दाना और 4 मुखी चार दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए वर्ष के प्रारंभ में ग्रह गोचर की स्थिति इस प्रकार है। द्वितीय भाव कन्या में शनि द्वादश भाव कर्क में नीच राशि में मंगल एकादश आय भाव मिथुन राशि में चन्द्र, केतु है। सप्तम भाव कुंभ राशि में गुरु पूरे वर्ष रहेंगे तथा पंचम भाव में सूर्य, बुध, शुक्र व राहु गोचर में चल रहे हैं।
¨ सिंह राशि वालों के लिए यह वर्ष उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा।
¨ जहां एक ओर आर्थिक सफलता के शिखर को छूने का प्रयास करेंगे।
¨ संपूर्ण वर्चस्व बढ़ेगा। मान-सम्मान, ख्याति, यश में बढ़ोतरी होगी।
¨ समाज के बहुत बड़े वर्ग के साथ आप जुड़ेंगे।
¨ जीवन की पिछली हर वह मुराद जिसके लिए आप पिछले कई वर्षों से प्रयासरत थे, वे पूरी हाेंगी।
¨ आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, साथ ही आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने वाले स्रोतों में वृद्धि होगी।
¨ भूमि, भवन, वाहन आदि प्राप्ति के प्रबल योग हैं।
¨ यदि आप व्यवसाय में है तो कारोबार मे ंअभूतपूर्व सफलता हासिल करेंगे।
¨ सिंह राशि वालों के लिए फरवरी, मई, जून, जुलाई व्यवसायिक लाभ के दृष्टिकोण से अति उत्तम रहेगा।
¨ शत्रु चाह कर भी आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।
¨ यदि आप नौकरी में हैं तो ग्रह नक्षत्र यह संकेत दे रहे हैं कि भाषा शैली की अनुकूलता बनाए रखें तो सफलता आपका कदम चूमेगी।
¨ बहुत से लोग आप लोगों से कहेंगे कि आपको शनि की साढ़ेसाती है, आपका बृहस्पति अष्टम भाव में है।
¨ यह दोनाें ही ग्रह स्थितियां सिंह राशि वालों के लिए सफलता प्रदान करने वाली है मात्र थोड़े से शोध की आवश्यकता है।
¨ हां, मैं इस बात को स्वीकार करता हूं कि वर्ष का प्रारंभ थोड़ा सा मध्यम रहेगा।
¨ नए पूंजी निवेश से बचना होगा।
¨ वाहनादि को सावधानी से चलाना होगा।
¨ रिश्तों की डोर को मजबूती से पकड़ना होगा।
¨ परंतु मैं इस बात को स्वीकार नहीं करता कि आपके साथ बहुत बड़ा अनर्थ होगा या कठिन समस्याओं में घिर जाएंगे।
¨ हर मोड़ पर शनिदेव और बृहस्पति आपकी रक्षा करेंगे।
¨ हां, जहां एक ओर आर्थिक और व्यक्तिगत वर्चस्व बढ़ेगा।
¨ वहीं दूसरी ओर मैं इस बात के लिए सावधान जरूर कर दूं कि पारिवारिक परिस्थितियों को संभालना होगा।
¨ पारिवारिक परिस्थितियां एवं पारिवारिक सदस्यों की वजह से ही आपको इस वर्ष कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
¨ व्यापारिक वर्ग को वर्ष के प्रारंभ में ही मनोनुकूल में निर्णय लेना अच्छा होगा।
¨ वर्ष का उत्तरार्द्ध लाभदायक निर्णयों के लिए इतना अनुकूल नजर नहीं आ रहा है।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मार्च, अप्रैल, जुलाई, अगस्त व दिसंबर का महीना अनुकूल नजर नहीं आ रहा है।
¨ स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा।
¨ विशेषकर वे लोग जिन्हें शुगर, हृदय रोग जैसी बीमारियों से ग्रसित हैं।
¨ शिक्षा के दृष्टिकोण से इस वर्ष सिंह राशि वालों को सफलता प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा।
¨ हल्की सी लापरवाही, चूक शिक्षा के क्षेत्र में इस वर्ष बहुत बड़ा नुकसान कर सकती है।
आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए कि जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यवसाय और कैरियर:-
¨ सिंह राशि वालों को व्यवसाय व कैरियर के दृष्टिकोण से मेंरे विचार अलग हैं।
¨ व्यवसाय और कैरियर के दृष्टिकोण से यह वर्ष पिछले वर्ष से अधिक अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
¨ कारोबार के नए संबंध बनेंगे।
¨ देश-विदेश से मनोनुकूल लाभकारी संबंध बनेंगे।
¨ अकस्मात धन प्राप्ति होगी।
¨ रूके हुए काम बनेंगे।
¨ किया गया पूंजी निवेश शुभफल प्रदान करेगा।
¨ हां, एक बात का ध्यान रखना है वर्ष के प्रारंभ में थोड़ा सा पूंजी निवेश से बचना है।
¨ यदि अपने कर्मचारियों को अपने साथ लेकर चले तो कोई भी आपको लाभ प्राप्ति से रोक नहीं सकता।
¨ बृहस्पति और शनिदेव की वजह से आपको लाभ ही होगा, हानि नहीं।
¨ हां, यदि आपने अनैतिकता का दामन पकड़ रख रखा है तब आपको राम बचाएं।
¨ यदि आपने नैतिकता का दामन पकड़ रखा है तो कारोबार में आपको लाभ प्राप्ति से कोई नहीं रोक सकता।
¨ हां, एक हल्की सी समस्या नजर आ रही है कारोबार में अग्नि भय की।
¨ उसमें थोड़ी सी सावधानी बरतें।
¨ यदि आप नौकरी में हैं तो मनोनुकूल सफलता के लिए फरवरी, मई, जून, जुलाई के महीने में विशेष प्रयास करें।
¨ विशेष लाभ मिलेगा।
¨ इन्हें एक सलाह और दूंगा कि वाणी पर संयम रखें और अपने बॉस से टकराव न रखें।

पारिवारिक दृष्टि से:-
¨ पारिवारिक दृष्टि से यह वर्ष अच्छा नहीं है।
¨ चतुर्थ भाव पर शनि की तृतीय दृष्टि रहेगी।
¨ जिसके कारण चतुर्थ भाव पीड़ित रहेगा।
¨ चतुर्थ भाव के पीड़ित होने के कारण परिवार से सहयोग में कमी रहेगी।
¨ माता-पिता के स्वास्थ्य की चिंता बढ़ सकती है।
¨ पारिवारिक या किसी भी प्रकार का बंटवारा आपके लिए नुकसान दायक रहेगा।
¨ इसलिए बहुत सचेत रहें।

युवा वर्ग:-
¨ युवाा वर्ग को इस वर्ष कारोबार के क्षेत्र में, तकनीकी क्षेत्र में, राजनीति के क्षेत्र में और व्यवसाय के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल होगी।
¨ साहस व पराक्रम बढ़ेगा। जीवन में नई दिशा और दृष्टि का भान होगा।
¨ अपनी जिम्मेवादी समझने लगेंगे।
¨ रोजगार प्राप्त होगा।
¨ साथ काम करने वाले लोगों का सहयोग मिलेगा।
¨ परंतु एक बहुत जरूरी बात है कि पारिवारिक सदस्यों के साथ मिलजुलकर रहना होगा।
¨ उनकी सलाह अनदेखा न करें।
¨ साथ ही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से दूर रहें।
¨ अनैतिक कार्यों से बचें एवं अपने प्यार के साथ धोखा नहीं करें।
¨ यदि ऐसी सावधानी बरतते हैं तो सफलता प्राप्ति से रोक नहीं सकता।
¨ कोई भी समस्या आपके सामने नहीं आएगी।
विद्यार्थी वर्ग
¨ विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में बहुत मेहनत की जरूरत है।
¨ उन्हें आलस त्याग कर मेहनत करने की जरूरत है।
¨ बिना कठिन परिश्रम के सफलता का योग कम नजर आ रहा है।
¨ व्यर्थ के भ्रमण और मित्र मंडली से बचकर रहें।
¨ स्कूल कॉलिज यदि जरूरी न हो तो न बदलें।

यात्रा
¨ सिंह राशि वालों को पूरे वर्ष छोटी-मोटी यात्राएं होती रहेंगी।
¨ इस वर्ष लंबी यात्रा का भी योग नजर आ रहा है।
¨ व्यावसायिक यात्राओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
¨ लाभ की कमी नजर आ रही है।
¨ साथ ही आप निजी वाहन से यात्रा कर रहे हैं तो सावधानी अपेक्षित है।
¨ यात्रा से पूर्व लाल कपड़ें में सवा किलों गेहूं बांधकर अपनी गाड़ी में रखें।
¨ यात्रा के पश्चात यह गेहूं किसी को दान में दें।

स्वास्थ्य की दृष्टि से:-
¨ यह स्वास्थ्य की दृष्टि से सामान्य रहेगा। ज्यादातर आपके खान-पान की वजह से पेट खराब रहेगा और आंखों में भारीपन रहेगा।
¨ अधिकतर सिरदर्द की शिकायत रहेगी।
¨ मानसिक तनाव रहेगा।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मार्च, अप्रैल, जुलाई, अगस्त व दिसंबर का महीना अनुकूल नजर नहीं आ रहा है।
¨ स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा, विशेषकर वे लोग जो शुगर, हृदय रोग जैसी बीमारियों से ग्रसित हैं।

क्या न करें 2010 में
सिंह राशि:- चाटुकारिता से बचें।
दांपत्य जीवन की मर्यादा के साथ खिलवाड़ नहीं करें।
तानाशाही विचार धारा कलह पैदा करेगी।
जरूरी नहीं है कि हमेशा वातावरण आपके अनुकूल हो।
क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
¨ प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पण करने के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाए।
¨ चीटिंओं को आटे में शक्कर मिलाकर डाले।
¨ अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर इन तीन महीनों में छायादार वृक्षों का रोपण करें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
¨ शनि पूजा व तेलाभिषेक करें। हर शनिवार को तेल चढ़ाएं।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
¨ दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
नियमित श्रद्धानुसार दुर्गा नर्वाण मंत्र की तीन माला सुबह-शाम जाप करें।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 6 मुखी तीन दाने, 12 मुखी एक दाना और 9 मुखी तीन दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।




कन्या राशि
वर्ष 2010 के शुभांरभ के समय 31 दिसंबर 2009 की रात 12 बजे के बाद कन्या राशि के जातकों के लिए ग्रह गोचर की स्थिति इस प्रकार हैं। शनि कन्या राशि प्रथम भाव से मंगल कर्क राशि एकादश भाव से सूर्य, बुध, शुक्र व राहु धनु राशि चतुर्थ भाव से गुरु कुंभ राशि षष्ठ भाव से और चंद्रमा केतु मिथुन राशि दशम भाव से गोचर में है। इनमें गुरु शनि ही पूरे वर्ष षष्ठ और प्रथम भाव लग् में रहेंगे। शनि प्रथम भाव से लग् तृतीया सप्तम व दशम भाव पर दृष्टि डालेंगे।
¨ कन्या राशि वालों के लिए यह वर्ष मिलाजुला रहेगा।
¨ जहां एक ओर आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर समस्या का निवारण होगा।
¨ देव गुरु बृहस्पति आपको वर्ष पर्यन्त गुजारे लायक धन की प्राप्ति कराते रहेेंगे।
¨ वहीं मित्रों का सहयोग मनोनुकूल रहेगा।
¨ उनके सहयोग से काम बनेंगे।
¨ धन प्राप्ति के साधन उपलब्ध होंगे।
¨ कानूनी मसलों का निवारण होगा।
¨ दूसरी ओर शारीरिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
¨ इन दोनों समस्याओं की वजह से आपको मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ेगा।
¨ यदि आप नौकरी में हैं तो आपको अपने अफसरों का पूर्ण सहयोग मिलेगा।
¨ पदोन्नति के अवसर मिलेंगे।
¨ मनोवांछित स्थानांतरण और आवास की प्राप्ति भी होगी।
¨ यदि आप व्यापारी हैं तो आपको विशेष रूप से मई के बाद ही कोई बड़ा पूंजी निवेश करना चाहिए।
¨ मई के बाद ही कार्य परिवर्तन करें तो अच्छा रहेगा।
¨ व्यावसायिक दृष्टिकोण से जून, जुलाई, अगस्त के महीने अति लाभकारी और सफलता प्रदान कराने वाले होंगे।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कन्या राशि वालों को जनवरी, अप्रैल, मई, सितंबर महीनों में विशेष रूप से सावधान रहना होगा।
¨ इन महीनों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप हो सकता है। विशेष ध्यान रखें।
¨ पारिवारिक दृष्टिकोण से इस वर्ष आपको बहुत से उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा।
¨ माता-पिता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी।
¨ पारिवारिक तनाव झेलना पड़ सकता है।
¨ न चाहते हुए भी रिश्तेदारों व पारिवारिक सदस्यों को आर्थिक सहयोग देना पड़ेगा।
¨ परंतु आपकी कार्य शैली, आपकी सहनशीलता से आपको परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
¨ हां, पैतृक संपत्ति विवाद न बढ़ें इस पर थोड़ा सा ध्यान दें।
¨ शिक्षा के दृष्टिकोण से यह वर्ष बहुत शुभ व सफलता प्रदान करने वाला होगा।
¨ परीक्षा, प्रतियोगिता में किए गए प्रयास मनोनुकूल परिणाम देंगे और सफलता भी प्राप्त होगी।
¨ भाग्य आपके साथ है, प्रयास करें।
¨ सफलता अवश्य मिलेगी।

आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यवसाय और कैरियर :-
¨ व्यवसाय के दृष्टिकोण से यह वर्ष सामान्य रहेगा। सफलता प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा।
¨ परंतु देव गुरु बृहस्पति की कृपा से वर्ष पर्यन्त गुजारे लायक धन की प्राप्ति होती रहेगी।
¨ कैरियर के दृष्टिकोण से यह वर्ष आपके लिए मनोनुकूल होगा।
¨ मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।
¨ पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।
¨ उत्तम आवास और मनोनुकूल स्थानांतरण का योग नजर आ रहा है।
¨ व्यापारिेयों को विशेष रूप से एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि कोई मोटा पूंजी निवेश मई के बाद करें तो अच्छा रहेगा।
¨ मई तक कोई कार्य परिवर्तन नहीं करें।
¨ व्यावसायिक दृष्टिकोण से जून, जुलाई, अगस्त के महीने अति लाभकारी और सफलता प्रदान कराने वाले होंगे।
¨ इसी दौरान किया गया पूंजी निवेश लाभकारी रहेगा।
¨ व्यवसाय पर पूरा ध्यान रखें।
¨ कर्मचारी वर्ग से प्रेम का व्यवहार रखें।
¨ ज्यादा एडवांस न दें।
¨ नुकसान हो सकता है।
¨ सरकारी कर्मचारियों से न उलझें।
¨ वाद-विवाद से बचें।
¨ व्यवसाय के लिए लंबी यात्रा का योग बनेगा।
¨ ध्यान रखें सफलता कम से कम मिलेगी।
¨ यदि जरूरी न हो तो न करें।

पारिवारिक स्थिति:-
¨ पारिवारिक स्थिति पर गुरु बृहस्पति ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है।
¨ बृहस्पति षष्ठ भाव कुंभ राशि में है।
¨ इसलिए पारिवारिक दृष्टि से यह वर्ष ज्यादातर असंतोष पैदा करने वाला होगा।
¨ इसलिए परिवार की तरफ पूरा ध्यान रखें और किसी भी पारिवारिक विवाद को लंबा न खींचें।
¨ जमीन-जायदाद का बंटवारा यदि जरूरी न हो तो इस वर्ष न करें।
¨ यदि करना पड़े तो किसी अपने परिचित को बीच में ले कर करें। भाइयों के सहयोग में कमी रहेगी।
¨ धर्मपत्नी का स्वास्थ्य या उनके साथ तालमेल में भी कमी आ सकती है।
¨ कृपया, पूरा ध्यान रखें।
¨ शादी-विवाह वाली आयु वाले जातकों को समय अनुकूल नहीं है।
¨ प्रयत्न से ही सफलता मिलेगी। बच्चों की पढ़ाई का ध्यान रखें।
¨ बच्चों की तरफ से मानसिक परेशानी बढ़ेगी।
¨ उनकी शिक्षा को लेकर तनाव रहेगा।
¨ कृपया, धैर्य से काम लें।

युवा वर्ग:-
¨ युवा वर्ग के लिए यह वर्ष थोड़ा सा कठिनाईयों से भरा रहेगा।
¨ सभी कार्यों में अत्याधिक परिश्रत करना होगा।
¨ लाभ प्राप्ति के लिए।
¨ किए गए परिश्रम का फल देरी से मिलेंगे।
¨ कई बार मन के अनुकूल फल प्राप्त नहीं होगे।
¨ यदि आप नौकरी कर रहे हैं तो किसी तरह का कोई परिवर्तन न करें।
¨ वाणी पर संयम रखें।
¨ अपने बॉस से अच्छा संबंध बनाकर रखें।
¨ विलासिता से बचें।
¨ यदि आप इस समय व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो मेरी सलाह है 2010 कहीं न कहीं नौकरी करना ही शुभ रहेगा।
¨ व्यवसाय के लिए किया गया पूंजी निवेश इस वर्ष नुकसान देगा। सट्टे बाजी से दूर रहें।

विद्यार्थी वर्ग
¨ विद्यार्थियों को शिक्षा के दृष्टिकोण से यह साल अच्छा रहेगा।
¨ अच्छे स्कूल और कॉलेज में दाखिला मिलेगा।
¨ शिक्षा के क्षेत्र पारिवारिक सहयोग मनोनुकूल रहेगा।
¨ आपको प्रतियोगिता परीक्षा में मनोनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे।
¨ जरूरत पड़ेगी आलस्य को त्यागने की और माता-पिता की आज्ञा का पालन करने की।

यात्रा
¨ यात्राओें के दृष्टिकोण से भी इस वर्ष आप भाग्यशाली रहेंगे क्योंकि यह आपका शौक है।
¨ यात्रााओं पर जाने से आपको कोई रोक नहीं सकता।
¨ यात्राओं मे ंजाने के लिए किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं ।
¨ व्यावसायिक यात्राएं मनोनुकूल फल प्रदान नहीं करेगी। ऐसा मुझे लगता है।
¨ निजी वाहन की यात्रा करते समय अपनी गाड़ी में नीले कपड़े में सवा किलो साबूत उड़द बांधकर रखें, और यात्रा की समाप्ति पर यह उड़द गायों को खिला दें।

स्वास्थ्य की दृष्टि से:-
¨ स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष अनुकूल नहीं है।
¨ इसलिए खान-पान व वाहन आदि का ध्यान रखें।
¨ पूरे वर्ष वाहन दुर्घटना व स्वास्थ्य के ऊपर धन खर्च होने का योग बना हुआ है।
¨ जिन व्यक्तियों को अशुभ भाव के स्वामियों की दशा व अंतर दशा चल रही है उन्हें बहुत सचेत रहने की जरू रत है।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कन्या राशि वालों को जनवरी, अप्रैल, मई, सितंबर महीनों में विशेष रूप से सावधान रहना होगा।
¨ इन महीनों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप हो सकता है। विशेष ध्यान रखें।

क्या न करें 2010 में
कन्या राशि:- जीवन में सरल होना चाहिए। बेवकूफ नहीं।
कोई आपके सहज सरल स्वभाव का फायदा न उठाए, इस बात का ध्यान रखें।
मेहनत से न घबराएं।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
¨ प्रात:काल शिवपूजा के बाद शिव सहस्र नाम का पाठ करें।
हर रोज भोजन से पूर्व गरीब, गाय व कुत्ते को भोजन कराने के बाद स्वयं भोजन करें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
शिव सहस्र नाम का पाठ करें व गौशाला में गुड़ व खल दान करें।
¨ किसी मंदिर में पूजा में काम आने वाली वस्तुएं दान करें।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
¨ गुरु मंत्र ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवे नम: का जाप करें।
¨ गाय को हरा चारा खिलाये।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 4 मुखी चार दाने, 13 मुखी एक दाना और 8 मुखी चार दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।

तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए वर्ष के प्रारंभ में राशि अधिपति शुक्र, सूर्य, बुध व राहु के साथ तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। शेष ग्रहों की स्थिति इस प्रकार है। गुरु पंचम भाव कुंभ राशि में है। धनु राशि तृतीया भाव में सूर्य बुध शुक्र राहु बैठे हैं। दशम भाव में नीच राशि में मंगल बैठा है। और नवम भाव मिथुन राशि में चंद्रमा केतु है।
¨ तुला राशि वालों के लिए यह वर्ष शुभ अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
¨ इस वर्ष आप कारोबार की ऊंचाइयों को छूएंगे।
¨ मनोनुकूल कारोबार का विस्तार होगा।
¨ कारोबार में एक नई दशा व दृष्टि महसूस करेंगे।
¨ आर्थिक दृष्टिकोण से सुधरेगा। धन कोष में वृद्धि होगी।
¨ रोजगार संबंधी समस्याओं से निजात मिलेगी।
¨ निज अनुभव के अनुसार ग्रह योगाोग देखते हुए लगता है कि तुला राशि वालों के लिए यह वर्ष संतुलन, सहजता और आनंद का रहेगा।
¨ एक विशेष प्रकार की स्फू र्ति, ताजगी, लगन, अपनत्व और जनकल्याण की भावना वर्ष भर आपको महसूस होगी।
¨ मित्रता का दायरा बढ़ेगा।
¨ अनुकूल मित्रों की वजह से व्यावसायिक लाभ प्राप्ति की गतिविधियां तेज होगी।
¨ राहू और बृहस्पति दोनों ही आपको मनोनुकूल फल प्रदान करेगी।
¨ यदि आप नौकरी में तो आपको परिश्रम के अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे।
¨ पदोन्नति के अवसर मिलेंगें।
¨ सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
¨ परंतु चापलूसी से बचना होगा।
¨ चापलूसी प्रगति मे ंबाधक बनेगी कारण कि आपको शनि की साढ़साती है।
¨ शनि की साढ़ेसाती में धर्म, कर्म, सत्य, सहजता का चरित्र अधिक प्रभावशाली रहेगा।
¨ जो लोग इस सूत्र को अपनाएंगे उनके लिए यह वर्ष बहुत लाभदायक रहेगा।
¨ शनि की साढ़ेसाती की वजह से कहीं भी आपको भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
¨ अनावश्यक क्रोध,जल्दबाजी और मध्यस्थता से बचकर रहेंगे तो यह वर्ष आपके के लिए अनुकूल रहेगा।
¨ कारोबार में लाभ प्राप्ति की दृष्टि से मई, जून, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर का महीना अति लाभकारी रहेगा।
¨ इन महीनों में पूंजी निवेश करना लाभकारी रहेगा।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से तुला राशि वालों के लिए यह वर्ष थोड़ा उठा-पठक वाला रहेगा।
¨ मादक पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से हानिकारक रहेगा। इस वर्ष बिना वजह शारीरिक और मानसिक परेशानियां आपको परेशान कर सकती है बिना कोई कारण।
¨ विशेष रूप से फरवरी, मई, जून, सितंबर, अक्टूबर विशेषरूप से स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से प्रतिकूल नजर आ रहे हैं।
¨ पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष संभलकर चलने का होगा।
¨ पारिवारिक रिश्तों की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
¨ संपूर्ण प्रयासों के बावजूद भी पारिवारिक सदस्यों को संतुष्ट नहीं कर पाएंगे।
¨ परंतु यह स्थिति मई तक हीरहेगी।
¨ मई के बाद पारिवारिक संबंधों में सुधार होगा।
¨ आपसी संबंधों में मधुरता आएगी।
¨ संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होंगे।
¨ दांपत्य जीवन अनुकूल रहेगा।
¨ राहू की वजह से कई थोड़ी बहुत कहासुनी भी होती है तो बहुत जल्दी ही उसका समाधान भी पा्रप्त हो जाएगा।
आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यापारिक व कैरियर:-
¨ तुलाराशि वालों के लिए सभी ग्रहों की स्थिति को देखने के बाद यह लगता है कि यह वर्ष आर्थिक दृष्टि से अच्छा रहेगा।
¨ व्यवसाय में लाभप्राप्ति के लिए किए गए संपूर्ण प्रयास मनोनुकूल सफलता प्रदान करेंगे।
¨ यह वर्ष कैरियर के दृष्टिकोण से एक सुनहरा वर्ष रहेगा।
¨ नौकरी, राजनीति, व्यवसाय और शिक्षा के क्षेत्र अद्भुत सफलता प्राप्त करेंगे।
¨ यदि आप नैतिकता का दामन पकड़े रहेंगे।
¨ रोजगार नहीं तो रोजगार प्राप्त होगा।
¨ रोजगार के साधनों में वृद्धि होगी।
¨ नौकरी के क्षेत्र में अनुकूल सफलता हासिल होगी।
¨ व्यवसाय में सफलता के लिए चापलूस मित्र मंडली से सावधारन रहना पड़ेगा।
¨ वैसे आपको सरकारी अधिकारियों से बहुत अनुकूल सहयोग प्राप्त होगा।
¨ आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
¨ कैरियर में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर भी प्राप्त होगा। कारोबार में लाभ प्राप्ति की दृष्टि से मई, जून, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर का महीना अति लाभकारी रहेगा। इन महीनों में पूंजी निवेश करना लाभकारी रहेगा।

पारिवारिक स्थिति
¨ तुला राशि वालों के लिए इस वर्ष पारिवारिक स्थिति मनोनुकूल नहीं रहेगी।
¨ आप अपने निजी कुटुंब भाव में देखेंगी तो ग्रह आप के अनुकूल नहीं है।
¨ द्वितीयेश मंगल अपनी नीच राशि में होने के कारण साफ संकेत है कि पारिवारिक स्थिति तनाव पूर्ण रहेगी।
¨ सप्तमेश मंगल अच्छी स्थिति में नहीं रहेगा। ज्यादातर पीड़ित ही रहेगा।
¨ इसलिए निजी कु टुंब के साथ-साथ माता-पिता की भी चिंता रहेगी।
¨ आप इस वर्ष निम् लिखित महीनों को ध्यान में रखकर अपनी योजना बनायें।
¨ इस वर्ष जनवरी फरवरी का महीना सामान्य रहेगा।
¨ घर में अशांति बढ़ेगी परंतु स्थिति नियंत्रण में रहेगी।
¨ बच्चों की तरफ से चिंता बढ़ेगी।
¨ परंतु मार्च अप्रैल का महीना बहुत अच्छा है।
¨ सभी परेशानियों से छुटकारा मिलेगा और अच्छा समाचार मिलेगा।
¨ परंतु मई जून का महीना पारिवारिक सदस्यों के स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा नहीं है।
¨ वाहन दुर्घटना की संभावना है।
¨ कृपया, वाहन ध्यान से चलायें।
¨ जुलाई अगस्त का महीना अच्छा है।
¨ पारिवारिक वातावरण सौर्हाद्र पूर्ण रहेगा।
¨ सभी लोग मिलजुल कर काम करेंगे।
¨ सितम्बर अक्टूबर के महीनों में जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी।
¨ नवम्बर दिसम्बर का महीना अच्छा है।
¨ परिवार में सुख शांति बढ़ेगी।
¨ रुके हुए काम बनेंगे।
युवा वर्ग
¨ युवा वर्ग के लिए यह वर्ष अच्छा है।
¨ देव गुरु बृहस्पति आपको मनोनुकूल सफलता प्रदान करेंगे। ¨ सामाजिक वर्चस्व बढ़ेगा।
¨ पारिवारिक रिश्तों में प्रागढ़ता आएगी।
¨ माता पिता का आशीर्वाद मिलेगा।
¨ नौकरी, व्यवसाय व निजी जीवन संबंधी संपूर्ण समस्याओं का निवारण होगा।
¨ इस वर्ष प्रगति व सफलता के अनेक अवसर प्राप्त होंगे।
¨ इस अनुकूल समय का अवश्य लाभ उठाना चाहिए आपको।
¨ यह वर्ष युवा वर्ग को शादी विवाह के सुअवसर प्रदान करेगा
¨ इस कार्य में अच्छी सफलता मिलेगी।

विद्यार्थी वर्ग
¨ विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के दृष्टिकोण से सफलताओं से भरा रहेगा।
¨ क्योंकि देव गुरु बृहस्पति अनुकूल पंचम भाव से गोचर कर रहे हैं।
¨ पंचम भाव शिक्षा का भाव होता है।
¨ शिक्षा के दृष्टिकोण से यह वर्ष आपके लिए खुशियां लेकर आया है।
¨ अध्ययन की ओर रुझान बढ़ेगा।
¨ अध्ययन के क्षेत्र में अनेकों प्रकार की सफलता मिलेगी।
¨ अच्छे स्कूल व कॉलेजों में दाखिला मिलेगा।
¨ शिक्षा संबंधी संपूर्ण सुविधाएं प्राप्त होगी।
¨ पारिवारिक सहयोग भी प्राप्त होगा।

यात्रा
¨ यात्राओं के दृष्टिकोण से इस वर्ष आपको थोड़ी सी सावधानी बरतनी पड़ेगी।
¨ संभव हो तो मई 2010 के बाद ही यात्रा करें तो ठीक रहेगा।
¨ यात्रा में सावधानी बरतें।
¨ अनजान लोगों पर विश्वास न करें। खर्चों पर अंकु श रखें।
¨ अति आवश्यक न हो तों लंबी यात्रा न करें।
¨ यदि आप अपने निजी वाहन से छोटी-मोटी यात्रा पर निकल रहे हों तो नशीली मादक वस्तुओं का सेवन करके वाहन न चलाएं।
¨ दुर्घटना की प्रबल संभावना है।
¨ साथ ही वाहन में 21 लौंग, काले कपड़े में बांधकर रखना शुभ रहेगा।
स्वास्थ्य की दृष्टि से
¨ तुला राशि वालों के लिए यह साल शुभ व अनुकूल नहीं कहा जा सकता है।
¨ इस वर्ष आपको स्वास्थ्य को लेकर अनेकों प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
¨ जोड़ों में दर्द, स्नायु दुर्बलता, महिलाओं को उदर पीड़ा एवं लीवर संबंधी कुछ समस्याओं का समाना भी करना पड़ेगा।
¨ फरवरी, मई, जून, सितंबर, अक्टूबर विशेष रूप से स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से प्रतिकूल नजर आ रहे हैं।
¨ स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष सामान्य है।
¨ कोई बड़ी परेशानी नहीं आयेगी।
¨ वैसे शनि की साढ़ेसाती है परंतु गुरु के अच्छी स्थिति में होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी ज्यादा दिक्कतें नहीं आयेंगी।
¨ परंतु जिन्हें मारकेश या निर्बल ग्रह संबंधी दशा चल रही होगी उन्हें जरूर परेशानी बढ़ सकती है।
करें।
क्या न करें 2010 में
तुलाराशि:- काल करे सो आज कर, आज करे सो अब, कार्य को टालना नुकसानदायक रहेगा।
बोल अमोलक बोल है, हीये तौल पीछे बोल, ।
त्वरित निर्णय लाभ देंगे।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
नारायण कवच के साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
¨ प्रतिदिन सूर्य को जल दें। सायंकाल मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
¨ शनिदेव की पूजा करें। हर शनिवार को सरसों के तेल से अभिषेक करें।
मंगलकारी शनिमंत्र की तीन माला सुबह और शाम जाप करें।
प्रत्येक शुक्रवार को कन्याओं को भोजन कराएं। भोजन में खीर अवश्य खिलाएं।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें।
हर रोज घर में श्री सूक्त का पाठ करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होगी।
दही और चावल और सफेद वस्तुओं का दान दें।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 7 मुखी तीन दाने, 10 मुखी तीन दाना और 9 मुखी तीन दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए वर्ष के प्रारंभ में राशि अधिपति मंगल नवम भाव में अपनी नीच राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं। शेष ग्रह इस प्रकार हैं- द्वितीय भाव धनु राशि में सूर्य बुध शुक्र राहू बैठे हैं। चतुर्थ भाव कुंभ राशि में बृहस्पति देव गुरु अष्टम भाव में मिथुन राशि में शनि केतु नवम भाव कर्क राशि में मंगल और द्वादश भाव कन्या में शनि बैठे हैं।
¨ वृश्चिक राशि वालों को यह वर्ष अच्छा रहेगा।
¨ देव गुरु बृहस्पति और शनि की कृपा से जातक के आय के साधनों में वृद्धि होती है।
¨ आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
¨ व्यवसाय व व्यापार में बढ़ोतरी होगी।
¨ व्यवसाय विस्तार के व तरक्की के सुअवसर प्राप्त हाेंगे।
¨ देश-विदेश से नए कारोबारी संबंध बनेंगे।
¨ परंतु राशि अधिपति मंगल वर्ष के प्रारंभ में अनुकूल स्थिति में नहीं होने के कारण नया पूंजी निवेश थोड़ाी सावधानी से करना होगा।
¨ समाज में मान-सम्मान व सुयश की प्राप्ति होगी।
¨ मनोनुकूल देश-विदेश की यात्रा होगी।
¨ देश-विदेश से व्यावसायिक संबंध बनेंगे।
¨ इस वर्ष घर से दूर रह कर अच्छी कमाई व मान-सम्मान की प्राप्ति भी करेंगे।
¨ राशि अधिपति मंगल भले अपनी नीच राशि में हैं, परंतु नवम भाव में हैं, इसीलिए ज्यादा दिक्कतें व परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
¨ हां, थोड़ा सा केतु की वजह से खर्चों में बढ़ोतरी जरूर होगी।
¨ परंतु आय की कमी नहीं रहेगी इसलिए तनाव नहीं होगा।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी यह वर्ष शुभ रहेगा।
¨ छोटी-मोटी बीमारियों के बारे में नहीं कहा जा सकता।
¨ परंतु बड़ी कोई बीमरी नजर नहीं आ रही है।
¨ पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष शुभ व मंगलमय रहेगा।
¨ दांपत्य जीवन में अनुकूलता आएगी।
¨ पारिवारिक सदस्य मिलजुल कर रहेंगे।
¨ संतान पक्ष भी आपके लिए अनुकूल रहेगा।
¨ घर में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।
¨ विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के दृष्टिकोण से मई के बाद बहुत अनुकूल व लाभदायक समय है।
¨ मई तक इन्हें लाभप्राप्ति के लिए कठिन परश्रिम करना पड़ेगा।
¨ पूरे वर्ष प्रत्येक मंगलवार को चमेली के तेल में हनुमान जी को सिंदुर लगवाएं।
आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यासायिक व कैरियर
¨ वृश्चिक राशि वालों के लिए व्यवसायिक दृष्टिकोण से यह वर्ष सकू न व सफलता प्रदान कराने वाला होगा।
¨ सभी रुके हुए कार्य पूरे होंगे।
¨ रुका हुआ धन मिलेगा। सरकार से संबंधित समस्याओं का निवारण होगा।
¨ कारोबार में लाभ प्राप्ति के स्रोत बढ़ेंगे।
¨ कैरियर के दृष्टिकोण से यह वर्ष विशेष रूप से अनुकूल रहेगा।
¨ उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।
¨ बॉस और साथ काम करने वालों के साथ संबंध मधुर रहेंगे।
¨ इस वर्ष मनोवांछित सफलताएं मन को प्रसन्नता प्रदान करेगी।
¨ व्यावसायिक लाभ के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा हाेंगी।
¨ नए व्यवसायिक संबंध बनेंगे।
¨ साझेदारी का लाभ मिलेगा।
¨ जून, जुलाई और सितंबर नए पूंजी निवेश के लिए बहुत अनुकूल महीने हैं।

पारिवारिक स्थिति
¨ वृश्चिक राशि वालों के इस वर्ष पारिवारिक स्थिति अच्छी रहेगी।
¨ क्योंकि शनिदेव एकादश भाव में और बृहस्पति चतुर्थ भाव में होने के कारण परिवार में सुख-समृद्धि और सौर्हाद्र पूर्ण वातावरण का संकेत मिल रहा है।
¨ घर में कुछ नया परिवर्तन होगा।
¨ मांगलिक कार्य संपन्न होगे।
¨ वैवाहिक समस्याओं का निवारण होगा।
¨ इस वर्ष परिवार में किसी नई खुशी का प्रबल योग नजर आ रहा है।
¨ मार्च, जून और अक्टूबर का महीना जीवनसाथी के साथ बहुत ही सावधानी से बिताना होगा।
¨ वैचारिक मतभेद न हो इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा।

युवा वर्ग
¨ युवा व विद्यार्थी वर्ग के लिए यह वर्ष बहुत अच्छा है।
¨ चिरप्रतीक्षित अभिलाषाओं की पूर्ति होगी॥
¨ संपूर्ण मानिसक परेशानियों का निवारण होगा।
¨ आय के नए साधन उपलब्ध होंगे।
¨ यदि आप नौकरी में हैं तो सफलता आपका कदम चूमेगी।
¨ कम परिश्रम से अधिक लाभ प्राप्त करेंगे इस वर्ष आप।

विद्यार्थी वर्ग
¨ वृश्चिक राशि वालों के शिक्षा के दृष्टिकोण से प्रारंभिक महीने अनुकूल नजर नहीं आ रहे हैं।
¨ प्रतियोगिता व परीक्षा में सफलता के लिए कठिन परिश्रम करना होगा।
¨ व्यर्थ के भ्रमण से बचना होग।
¨ आलस्य व प्रमाद का त्याग करना होगा।
¨ मई के बाद नवंबर तक समय आपके लिए अनुकूल रहेगा। परिश्रम के अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। परंतु यह वर्ष कठिन परिश्रम का है, लापरवाही का नहीं। इस बात का विशेष ध्यान रखें।

यात्रा
¨ वृश्चिक राशिवालो के लिए यात्रा के दृष्टिकोण से यह वर्ष अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
¨ घूमने-फिरने के सुअवसर प्राप्त होंगे।
¨ देश और विदेश में घूमने का सुअवसर प्राप्त होगा।
¨ इस वर्ष आध्यात्मिक यात्राओं का योग भी नजर आ रहा है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से
¨ वृश्चिक राशि वालों के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष अच्छा नजर आ रहा है।
¨ स्वास्थ्य संबंधी पिछली संपूर्ण समस्याओं का निवारण होगा।
¨ सिंतबर और अक्टूबर के महीने मे मौसमी बीमारियों को लेकर थोड़ा सा चिंतित रह सकते हैं परंतु लंबी बीमारी का योग नजर नहीं आ रहा है।
¨ परंतु आप वर्ष भर पेट, शूगर, वायु विकार, चर्म रोग व उच्च रक्त चाप के प्रति सावधानी अवश्य बरतें।
¨ खानपान में लापरवाही न बरतें।

क्या न करें 2010 में
वृश्चिक राशि:- अड़ियल स्वभाव दुख का कारण बनेगा।
ताकत, जिद्द के बल पर वस्तुओं को प्राप्त किया जा सकता है परंतु भोगा नहीं जा सकता।
स्वार्थ का परित्याग करें।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
¨ महामृत्युंजय का पाठ करें।
¨ पूरे वर्ष प्रत्येक मंगलवार को चमेली के तेल में हनुमान जी को सिंदुर लगवाएं।
गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद करें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
¨ नियमित दुर्गा नवार्ण मंत्र का जाप करना अनुकूल रहेगा।
भूरी चींटियों को गेहूं या बाजरा डालें।
हर रोज लगातार केसर का तिलक लगायें।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
तांबे के सात चकौर टुकड़े विराने भूमि में दबाएं।
700 ग्राम जौ लाल कपड़े में बाधकर पानी में बहायें।
मीठे चावल व मीठे पराठे और लाल वस्त्र हर मंगलवार को गरीब व जरूरतमंद व्यक्ति को दान दें।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए काजू रुद्राक्ष दो दाने, दस मुखी रुद्राक्ष तीन दाना और गणेश रुद्राक्ष दो दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।



धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए राशि अधिपति बृहस्पति वर्ष के प्रारंभ में कुंभ राशि में तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। शेष ग्रह इस प्रकार है। सूर्य बुद्ध शुक्र और राहु धनु राशि में लग्न में केतु, मिथुन राशि में, सप्तम भाव में चंद्रमा और मंगल कर्क राशि में अष्टम भाव में शनि कन्या राशि में दशम भाव में।
¨ धनु राशि वालों को यह वर्ष सामान्य शुभफलदायक रहेगा।
¨ परंतु मई 2010 तक थोड़ी सी सावधानी भी बरतनी पड़ेगी।
¨ वैसे व्यवसाय के दृष्टिकोण से अनुकूल समय रहेगा।
¨ पारिवारिक सदस्यों के सहयोग से कारोबार के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
¨ रुके हुए काम बनेंगे।
¨ कारोबारी समस्याओं का निवारण होगा।
¨ प्रयासों के बावजूद गुजारे लायक धन की प्राप्ति होती रहेगी।
¨ परंतु मई तक नए पूंजी निवेश के लिए समय अनुकूल नजर नहीं आ रहा है।
¨ मई के बाद संपूर्ण कारोबारी समस्याओें का निवारण होगा।
¨ यदि आप नौक री मे हैं तो समय अनुकूल रहेगा।
¨ उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।
¨ मनोबल बढ़ेगा। आपके द्वारा लिये गए निर्णयों की सराहना होगी।
¨ सरकारी अफसरों व साथ काम करने वालों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे।
¨ अप्रैल, जुलाई, अगस्त और नवंबर का महीना कारोबारी में सावधानी बरतने का है।
¨ मई के बाद किया गया पूंजी निवेश पारिवारिक दृष्टिकोण से भी वर्ष का पूर्वार्द्ध समय इतना अनुकूल नजर नहीं आ रहा है।
¨ लेकिन वर्ष का उत्तर्राद्ध पारिवारिक सुख के लिए अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
¨ माता-पिता का आशीर्वाद मिलेगा।
¨ बड़े व छोटे भाई-बहनों का साथ मिलेगा।
¨ जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेदों की समाप्ति होगी।
¨ घर में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहेगा।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी विशेष रूप से वर्ष का पूर्वाद्ध हिस्सा अनुकूल नजर नहीं आ रहा है।
¨ इस समय आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
¨ विशेष रूप से लीवर संबंधी बीमारी तकलीफ दे सकती है या कोई छोटी-मोटी सर्जरी भी हो सकती है।
¨ वर्ष का उत्तर्राद्ध हिस्सा स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से शुभ व मंगलमय रहेगा।
¨ परंतु फिर भी गरिष्ठ भोजन से बचना होगा।
¨ मानसिक तनाव आप पर हावी न हो, इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा।
¨ विद्यार्थियों को शिक्षा के दृष्टिकोण से जनवरी से लेकर मई के प्रथम सप्ताह तक कठिन परिश्रम करना पड़ेगा सफलता प्राप्ति के लिए।
¨ क्योंकि वर्ष का प्रारंभिक महीने अध्ययन के दृष्टिकोण से सुकून भरा संकेत नहीं दे रहे हैं।

आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यवसाय
धनु राशि वालों के लिए व्यावसायिक दृष्टिकोण से वर्ष का प्रारंभ थोड़ा सा सावधानी का है। इसका कतई मतलब नहीं है कि आपको कोई नुकसान होगा। परंतु पूंजी निवेश, साझेदारी व सरकारी कार्यों में लारवाही न बरतें। भाई-बहनों का सहयोग कारोबार में अच्छा रहेगा। कर्मचारी वर्ग सहयोग करेंगे। मई के बाद व्यवसाय में नया परिवर्तन आयेगा। नौकरी में भी सफलता मिलेगी। पदोन्नति की संभावना है। परंतु पद के अनुसार कार्य क्षेत्र में काम करने के लिए थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी सफलता प्राप्ति के लिए। वैसे ग्रहयोगायोग किए गए परिश्रम के अनुकूल फलप्राप्ति का संके त दे रहे हैं। लेकिन फलो ंकी प्राप्ति में थोड़ी देरी होगी। घबराने की जरूरत नहीं है।

पारिवारिक स्थिति
धनु राशि वालों के लिए इस वर्ष पारिवारिक स्थिति अच्छी रहेगी। देव गुरु बृहस्पति और शनि पारिवारिक सामंजस्य और सौर्हाद्रपूर्ण वातावरण बनानें में पूर्ण देंगे। दांपत्य सुख अनुकूल रहेगा। घर में शादी-विवाह संबंधी मंगल कार्य संपूर्ण होंगे।
यह वर्ष महीनों के आधार पर जनवरी का महीना कष्टकारी है। परंतु फरवरी मार्च का महीना सुख देने वाला है। रुके हुए कार्य बनेंगे। सुख-शांति बढ़ेगी। अप्रैल का महीना सामान्य रहेगा परंतु 15 अप्रैल से मई तक मनोनुकूल फल प्राप्त होगा। जून और जुलाई का महीना पारिवारिक दृष्टिकोण से शुभनजर नहीं आ रहा है।
¨ परिवार में आपसी मतभेद उभर सकते हैं।
¨ पारिवारिक सदस्यों की वजह से बनते कार्यों में रुकावट आयेगी।
¨ पारिवारिक सदस्यों का स्वास्थ्य खराब व वाहन दुर्घटना की संभावना भी है।
¨ अगस्त सितम्बर अक्टूबर तीनों महीने घर में सुख-शांति, पारिवारिक आपसी मेलजोल ठीक रहेगा।
¨ नवम्बर दिसम्बर का महीना मानसिक परेशानी बढ़ायेगा।
¨ अनावश्यक खर्चों में वृद्धि होगी।

युवा वर्ग
¨ धनु राशि वालों के लिए युवा वर्ग के लिए यह वर्ष अच्छा है।
¨ नौकरी और वयवसाय के दृष्टिकोण से शुभ व अनुकूल समाचार प्राप्त होंगे।
¨ व्यवसाय व नौकरी के अच्छे साधन उपलब्ध होंगे।
¨ प्रयत्नशील रहें, यह वर्ष हर दृष्टिकोण से सफलता प्रदान करने वाला रहेगा।
¨ शादी विवाह के लिए यह वर्ष अति शुभ है।

विद्यार्थी
¨ धनु राशि वाले विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष शिक्षा के दृष्टिकोण से सामान्य रहेगा।
¨ भाग्य अनुकूल होने से परीक्षा और प्रतियोगिता में अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे।
¨ जनवरी से लेकर अप्रैल तक के मध्य तक कठिन परिश्रम करना होगा। सफलता प्राप्ति के लिए।
¨ हलकी सीचूक साल बर्बाद कर सकती है। इस बात का ध्यान रखें।

यात्रा
¨ धनु राशि वालों के लिए यात्रा के दृष्टिकोण से यह वर्ष अनुकूल रहेगा।
¨ वर्ष पर्यत शुभ व मांगलिक कार्य एवं व्यावसायिक यात्राओं का दौर रहेगा।
¨ छोटी-मोटी यात्राएं वर्ष भर लगी रहेगी।
¨ इन यात्राओं का लाभ भी मिलेगा।
¨ लंबी यात्राओं के प्रति संजोए गए सपने पूरे होंगे।
¨ परंतु इस वर्ष पूर्व एवं दक्षिण दिशा की यात्रा में थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ेगी।
¨ लापरवाही नुकसान दे सकती है।

स्वास्थ्य
¨ धनु राशि वालों के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से वायु विकार, पेट संबंधी बीमारी, मानसिक तनाव एवं पीलिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
¨ विशेष रूप से वर्ष के पूर्वाद्ध में इन बीमारियों के प्रति सावधान रहना होगा।
¨ वाहन आदि सावधानी से चलाएं।
¨ वर्ष का मध्य और अंत स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ठीक रहेगा।
¨ परंतु आपको पूरे वर्ष खानपान व दैनिक दिनचर्या को नियमित रखना होगा।

क्या न करें 2010 में
धनु राशि:- कभी-कभी अपने साथ भी आपको बैठना चाहिए।
अपने भावनाओं में बहना इस वर्ष नुकसानदायक रहेगा।
अत्यधिक आत्मविश्वास भी आपको तकलीफ देगा।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें।
पक्षियों को दाना डालें व पानी रखें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
नारायण कवच का पाठ करें।
शिव उपासना व शिवलिंग पर षडाक्षरी मंत्र का जाप करते हुए जलाभिषेक करें।
पीला धागा गले में धारण करना शुभ फल देगा।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
¨ प्रतिदिन आदित्य हृदय स्रोत का पाठ करें।
चावल व चने की दाल गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को दान में दें।
¨ बंदरों को केले या चने खिलायें।
व्यवसाय में विशेष रुकावट के लिए गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद करें।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 12 मुखी ग्यारह दानें रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।





मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए वर्ष के प्रारंभ में राशि अधिपति शनि नवम भाव में कन्या राशि में गोचर कर रहे हैं। शेष ग्रह स्थिति इस प्रकार है। द्वितीय भाव कुंभ राशि में गुरु, नवम भाव कन्या राशि में शनि। सप्तम भाव कर्क राशि में मंगल षष्ठ भाव मिथुन राशि में चंद्र केतु द्वादश भाव धनु राशि में सूर्य बुध शुक्र राहूं बैठे हैं।
¨ मकर राशि वालों के लिए यह वर्ष हर दृष्टिकोण से शुभव अनुकूल रहेगा।
¨ जहां एक और राहु नीच राशि में द्वादश भाव में गोचर करने के कारण कारोबारी, पारिवारिक व स्वास्थ्य संबंधी समस्याआें का सामना करना पड़ रहा था।
¨ बृहस्पति के कुंभराशि में आने से पिछली सभी समस्याओं का निवारण होगा।
¨ अनुकूल व लाभदायक व्यावसायिक परिवर्तन होंगे।
¨ कारोबार में किया पूंजी निवेश शुभफल प्रदान करेगा।
¨ नए कारोबारी संबंध बनेंगे।
¨ कारोबार में धन लाभ के स्रोत बनेंगे व आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
¨ नौकरी और कैरियर के दृष्टिकोण से समय शुभ रहेगा।
¨ नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिलेंगे।
¨ अधिकारी वर्ग से सहयोग प्राप्त होगा।
¨ नई जिम्मेवारियां मिलेगी।
¨ साहस और पराक्रम बढ़गा।
¨ इसके साथ-साथ ही यश में सम्मान में भी वृद्धि होगी।
¨ यह वर्ष संपूर्ण मनोकामना की पूर्ति का वर्ष है।
¨ कई प्रकार की उपलब्धियां हासिल होगी।
¨ वर्ष के प्रारंभ से लेकर अप्रैल तक और अगस्त से लेकर नवंबर तक इन महीनों में लाभ के स्रोत बढ़ेंगे।
¨ किया गया पूंजी निवेश अनुकूल सिद्ध होगा।
¨ साझेदारी में लाभ प्राप्त होगा।
¨ पारिवारिक सामंजस्य व सहयोग मनोनुकूल रहेगा।
¨ चल और अचल संपत्ति का लाभ मिलेगा।
¨ जीवन साथी के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी यह वर्ष आपके लिए शुभ और मंगलमय रहेगा।
¨ हां, कुछ पारिवारिक सदस्यों का स्वास्थ्य कुछ प्रतिकूल रह सकता है।
¨ इस पर आपको ध्यान देना होगा।
¨ विशेष रूप से नीमहकीमों से सावधान रहना पड़ेगा।
¨ साथ ही अगस्त और सितंबर के महीने में गले संबंधी तकलीफ, अस्थमा, गठियां, कमर, थाइरायड, आंखों की तकलीफ व फेफ ड़ों संबंधी बीमारी से थोड़ा सावधान रहना पड़ेगा।
¨ लेकिन यह तकलीफ ज्यादा देर तक नहीं रहेगी।
¨ दवाओं से तुरंत आपको राहत मिल जाएगी।
¨ शिक्षा के दृष्टिकोण से समय अनुकूल रहेगा।
¨ की गई मेहनत का यथेष्ट फल प्राप्त होगा।

आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यापारिक व कैरियर
¨ मकर राशि वालों के लिए व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह वर्ष अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
¨ पिछली संपूर्ण कारोबारी समस्याओं का निवारण होगा।
¨ रोजगार संबंधी परेशानी हल होगी।
¨ लाभदायिक रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।
¨ देश-विदेश से आयात और निर्यात के कार्यों में विशेष सफलता मिलेगी।
¨ रुका हुआ धन मिलेगा। रुके हुए कार्य बनेंगे।
¨ कैरियर के दृष्टिकोण से यह वर्ष सुखद संदेश लेकर आ रहा है।
¨ नौकरी आदि के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
¨ अनुकूल स्थानांतरण व पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।
¨ मनोवांछित उपलब्धियां प्राप्त होंगी।
¨ वांछित लाभ प्राप्ति से मन प्रसन्न रहेगा।
¨ किसी प्रकार का पूंजी निवेश उत्तम धन लाभ का योग देगा।
¨ आपसी सामंजस्य बनने से कैरियर और व्यवसाय संबंधी सफलता प्राप्त होगी।
¨ नए जॉब के आफर भी मिलेंगे।
¨ आर्थिक विवादों से पीछा छूटेगा। फरवरी, मार्च, अप्रैल, जून, अक्टूबर, नंवबर दिसंबर में मनोनुकूल लाभ प्राप्त होगा।
¨ इन महीनों में किया गया पूंजी निवेश शुभ रहेगा।

पारिवारिक स्थिति
¨ मकर राशि वालों के लिए पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष सुखद रहेगा।
¨ देव गुरु बृहस्पति और शनिदेव पूरे वर्ष पारिवारिक दृष्टिकोण से अनुकूल फल प्रदान करेंगे।
¨ पारिवारिक कटुता और तनाव से छुटकारा मिलेगा।
¨ पारिवारिक सुख और सौहार्द्र पूर्ण वातावरण रहेगा।
¨ सभी लोग मिलजुल कर प्रेमपूर्वक रहेंगे।
¨ आपसी संबंधों में मधुरता आएगी।
¨ दांपत्य जीवन में अनुकूलता और सरसता का वातावरण रहेगा।
¨ संतान के लिए भी यह वर्ष अनुकूल व लाभकारी रहेगा।

युवा वर्ग
¨ मकर राशि वालों के लिए इस वर्ष अच्छी सफलता प्राप्त होगी।
¨ परिश्रम व मेहनत से आप किसी कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने में सफल होंगे।
¨ इस वर्ष नया कार्य शुरू कर सक ते हैं।
¨ यदि आप नौकरी में हैं तो भी आपको मनोनुकूल सफलता प्राप्त होगी।
¨ साथियों से अच्छा सहयोग प्राप्त होगा।
¨ शादी-विवाह संबंधी मामलों में भी सफलता प्राप्त होगी।

विद्यार्थी वर्ग
¨ मकर राशि के विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष परीक्षा और प्रतियोगिता में अनुकूल परिणाम के लिए परिश्रम व मेहनत की जरूरत होगी।
¨ लापरवाही और आलस्य नुकसान देगा।
¨ घर-परिवार में तनाव की स्थिति का प्रभाव आपकी शिक्षा पर पड़ेगा।
¨ इस वर्ष सफलता के लिए सावधानी अपेक्षित है।
¨ साथ ही स्कूल, कॉलेज बदलते समय भी जल्दबाजी से बचना होगा।

यात्रा
¨ मकर राशि वालों के लिए यह वर्ष भाग्यशाली नहीं रहेगा।
¨ लंबी दूरी की यात्राएं मनोनुकूल फल प्रदान नहीं करेंगी।
¨ व्यावसायकि यात्राओं में भी कठिनाइयों का सामना करनापड़ेगा।
¨ चोटादि लगने की भी संभावना नजर आ रही है।
¨ निजी वाहन से यात्रा करना ठीक नहीं रहेगा।
¨ जहां तक संभव हो यात्रा के लिए रेल से ही यात्रा करें।

स्वास्थ्य की दृष्टि से
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मकर राशि वालों के लिए यह वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी सुख भरा रहेगा।
¨ पारिवारिक सदस्यों व माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सी चिंता रहेगी।
¨ मौसमी बीमारियों से थोड़ा बहुत सावधान रहना पड़ेगा।
¨ कोई लंबी बीमारी का संकेत नजर नहीं आ रहा है।

क्या न करें 2010 में
मकर राशि:- आपका अहंकार आपको डुबो देगा।
इस वर्ष आपको दूसरों को बोलने का मौका देना पड़ेगा और अपने को सुनने के लिए तैयार करना पड़ेगा।
दूसरों के पीछे पड़ने की आदत आपके लिए हानि कारक रहेगी।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
¨ हर रोज नियमित सुबह-शाम घी का दीपक जलाकर गायत्री मंत्र का जाप करें।
¨ गाय को हरा चारा या जौ का आटा खिलायें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
¨ राम रक्षा स्रोत का पाठ करें।
¨ छायादार वृक्ष लगाकर उनकी देखभाल करें।
¨ प्रतिदिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करें।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें व तुला दान करें।
400 ग्राम धनिया हर शनिवार को सफाई कर्मचारी को दान में दें या नदी में बहायें।
पैतृक मकान की दहलीज के नीचे चांदी की पतरी लगाये।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 7 मुखी सात दाने, 13 मुखी चारदाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।



कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए वर्ष के प्रारंभ में राशि अधिपति शनि अष्टम भाव में कन्या राशि में गोचर कर रहा है। बृहस्पति कुंभ राशि में लग्न में गोचर कर रहा है। एकादश भाव में धनु, सूर्य , बुध, शुक्र और राहु गोचर कर रहे हैं। और कर्क राशि में मंगल छठे भाव में गोचर, पंचम भाव में मिथुन राशि में केतु स्थित रहेंगे।
¨ कुंभ राशि वालों को इस वर्ष उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
¨ कारोबार के दृष्टिकोण से यह वर्ष 30 मई 2010 तक अनुकूल नहीं कहा जा सकता।
¨ मई तक इन राशि के जातक-जातिकाओं को पूंजी निवेश से बचना होगा।
¨ कारोबार में विशेष ध्यान देना होगा।
¨ किसी भी तरह का व्यावसायिक व कार्य परिवर्तन इन दिनों नहीं करेंगे तो अच्छा रहेगा।
¨ आय की अपेक्षा खर्चों का सामना करना पड़ेगा।
¨ ु मई के बाद कारोबारी परिस्थितियों में सुधार होगा।
¨ किए गए प्रयास सफल होंगे।
¨ गुजारे लायक धन की प्राप्ति होगी।
¨ लेकिन फिर भी इस वर्ष आर्थिक संकट का सामना आपको करना पड़ सकता है।
¨ इसीलिए सोच समझ कर खर्च करें।
¨ व्यापार मे कोई भी परिवर्तन या विस्तार बिना सोचे समझे या बुजुर्गों की सलाह लिए बगैर न करें।
¨ व्यावसायिक लेन-देन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ेगी।
¨ अगर आप शेयर मार्किट या वायदा व्यापार से जुड़े हुए हैं तो आपके साथ धोखा हो सकता है।
¨ यदि आप नौकरी में है तो निश्चित ही आपकी स्थिति अनुकूल व लाभदायक रहेगी।
¨ नौकरी व कैरियर के दृष्टिकोण से यह समय शुभ रहेगा।
¨ कोर्ट कचहरी के मामले सुधरेंगे।
¨ सरकारी समस्याओं का निवारण होगा।
¨ बॉस प्रसन्न रहेंगे।
¨ किए गए प्रयास सार्थक होंगे।
¨ नौकरी में मामूली प्रयत्न से ही अधिक लाभ की प्राप्ति होगी।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह वर्ष अनुकूल नहीं रहेगा।
¨ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को झेलना पड़ेगा।
¨ हमेशा कोई न कोई छोटी-मोटी समस्याएं लगी रहेगी।
¨ हालांकि कोई मोटी बीमारी नहीं होगी।
¨ लेकिन हमेशा मानिसक तनाव से ग्रसित रहेंगे।
¨ विशेष रूप से जनवरी, फरवरी, जून, सितंबर और अक्टूबर माह में सेहत के दृष्टिकोण से सावधान रहना होगा।

आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यवसाय और कैरियर के दृष्टिकोण से
¨ कुंभ राशि वालों को व्यवसाय व कैरियर के दृष्टिकोण से मई माह तक सावधानी बरतनी होगी।
¨ इन दिनों में व्यवसाय और नौकरी में कोई परिवर्तन नहीं करें।
¨ पूंजी निवेश से बचें।
¨ जून से लेकर नवंबर माह का समय आर्थिक रूप से अच्छा कहा जा सकता है।
¨ नए कारोबारी संबंध बनेंगे।
¨ अकस्मात धन लाभ होगा।
¨ साझेदारी के मतभेद दूर होंगे।
¨ सहकर्मियों का सहयोग अनुकूल रहेगा।
¨ कार्य और व्यवसाय में परिवर्तन कर लेना भी ठीक रहेगा।
¨ देश-विदेश से नए कारोबारी संबंधा बनने के कारण धन लाभ में बढ़ोतरी होगी।
¨ कैरियर की स्थिति में सुधार होगा।
¨ कैरियर संबंधी समस्याओं का निवारण होगा।
¨ एक से अधिक रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।
¨ रोजगार के दृष्टिकोण से देश-विदेश की अनुकूल यात्राओं का भी योग नजर आ रहा है।
¨ सूर्य को जल दें।
¨ कौवों को रोटी तोड़ कर प्रात:काल डालें।
¨ मछलियों को आटे की गोली बनाकर डालें।
पारिवारिक स्थिति:-
¨ कुंभ राशि वालों के लिए पारिवारिक स्थिति इस वर्ष ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगी।
¨ पारिवारिक सदस्यों के साथ मतभेद बढ़ेंगे।
¨ अनावश्यक वाद-विवादों का सामना करना पड़ेगा।
¨ पारिवारिक वातावरण कलहपूर्ण रहेगा।
¨ भाई बहनों से पैतृक संपत्ति को लेकर कलह बढ़ेगा।
¨ दांपत्य जीवन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
¨ जीवन-साथी से वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं।
¨ अनावश्यक क्रोध बढ़ेगा।
¨ जल्दबाजी से बने-बनाएं बिगड़ने लगेंगे।
¨ साथ ही वाहनादि से दुर्घटना की संभावना भी नजर आ रही है।

युवा वर्ग
¨ कुंभ राशि के युवाओं को इस वर्ष सफलता प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम, दृढ़ निश्चय और मेहनत की जरूरत पड़ेगी।
¨ यह वर्ष अनुकूल नहीं है।
¨ लापरवाही व असावधानी दुख का कारण बनेगी।
¨ उधार लेन-देन से सचेत रहने की जरूरत है।
¨ व्यवसाय और नौकरी में परिवर्तन न करें।
¨ मित्र पर अंधविश्वास नहीं करें।
¨ धोखा हो सकता है।

विद्यार्थी वर्ग
¨ कुंभ राशि के विद्यार्थियों को इस वर्ष सफलता प्राप्ति के लिए जी जान से मेहनत करनी पड़ेगी।
¨ किए गए प्रयास व परिश्रम के अनुकूल फल मिलने में देरी लगेगी।
¨ इस वर्ष आपको शिक्षा के क्षेत्र में असफलता का कुप्रभाव झेलना पड़ सकता है।
¨ यदि आप लापरवाही करेंगे तो। पारिवारिक सान्निध्यनहीं मिल पाएगा।
¨ मित्र मंडली धोखा देगी।
¨ स्वास्थ्य का कु प्रभाव भी शिक्षा पर पड़ेगा।

यात्रा
¨ कुंभ राशि वालों को इस वर्ष छोटी और बड़ी यात्राओं का योग नजर आ रहा है।
¨ परंतु यह यात्राएं सुखपूर्वक नहीं होगी।
¨ यात्राओं में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
¨ स्वास्थ्य प्रतिकूल रहेगा और धन संबंधी समस्याएं भी नजर आएगी।
¨ निजी वाहन से यात्रा पर जा रहे हैं तो बहुत ही अति आवश्यक है सावधानी बरतने की।
¨ छोटी-मोटी दुर्घटनाएं नजर आ रही है।
¨ मनचले नुकसान पहुंचा सक ते हैं।

स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से
¨ कुंभ राशि वालो के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी यह वर्ष शुभ और मंगलमय नहीं रहेगा।
¨ सेहत संबंधी अनेकों प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
¨ जैसे स्नायु दुर्बलता, जोड़ों में दर्द, चोट ओर दुर्घटनाओं की भी संभावना नजर आ रही है।
¨ विशेष रूप से जनवरी, फरवरी, जून, सितंबर, अक्टूबर के माह में विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।
¨ हालांकि कोई भयंकर बीमारी नजर नहीं आ रही है।
¨ हल्की-फुल्की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सजग रहना पड़ेगा।

क्या न करें 2010 में
कुंभ राशि:- मान चाहिए तो मान देना सीखिए।
जाते पांव पसारिए ताते लंबी सौर, जितनी चादर हो उतने में ही पैर पसारें।
अपने ज्ञान, साहस, पराक्रम का सही सदुपयोग करें।
अपने कार्य की दिशा बदलने की प्रबल आवश्यकता है।
अहंकार से भरा मस्तिष्क परमात्मा को पसंद नहीं है। दम्भ पूर्ण व्यवहार बना बनाया काम बिगाड़ देगा।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
नारायण कवच का पाठ करें। सूर्य को प्रात:काल जल दें।
शनि उपासना शनितेलाभिषेक व शनिमंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का जाप करते रहें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करें।
हर शनिवार को सूखा नारियल अपने ऊपर से 11 बार ऊसार कर पानी में प्रवाह करें।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
¨ हर रोज चौमुखा तेल का दीपक जलाकर शनि दशरथ स्तोत्र का पाठ करते रहें।
मूली, शलजम, गाजर रात को सिरहाने रखकर सुबह चुपचाप किसी मंदिर में रखकर आ जाये।
संपूर्ण संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 8 मुखी सात दानें और 14 मुखी एक दाना रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए वर्ष के प्रारंभ मे राशि अधिपति बृहस्पति कुंभ राशि में द्वादश भाव में गोचर कर रहा है। शनि कन्या राशि में सप्तम भाव में, मंगल कर्क राशि में पंचम भाव में, चंद्रमा और के तु मिथुन राशि में चतुर्थ भाव में और धनु राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु गोचर कर रहे हैं।
¨ मीन राशि वालों के लिए देव गुरु बृहस्पति शनि वर्ष पर्यंत सामान्य शुभफल देते रहेंगे।
¨ कारोबार में किए गए प्रयास सफल होंगे। पारिवारिक जरूरतों की पूर्ति होगी।
¨ जहां एक ओर किसी बड़े धन लाभ की प्राप्ति नहीं होगी।
¨ वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार की कारोबार में हानि नजर नहीं आ रही है।
¨ आर्थिक दृष्टिकोण से जनवरी से लेकर जुलाई महीने तक अनुकूल और शुभ रहेंगे।
¨ परंतु कारोबार में कोई परिवर्तन नहीं करें।
¨ उधार लेन-देन से बचें। चलते काम में पूरा ध्यान दें।
¨ दूसरों पर विश्वास नहीं करें।
¨ पूंजी निवेश से बचें।
¨ कैरियर और नौकरी के दृष्टिक ोण से भी उतार-चढ़ाव का भी सामना करना पड़ेगा।
¨ कैरियर और व्यवाय की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी।
¨ इसीलिए व्यवसाय और नौकरी में परितर्वन करते समय सावधानी बरतें।
¨ क्योंकि जैसा आप सोच रहे हैं, वैसा ही होगा, जरूरी नहीं है, ऐसा नजर आ रहा है।
¨ व्यवसाय और नौकरी को लेकर आपको विदेश जाने का अवसर प्राप्त हो सकता है।
¨ आप चाहेंगे तो विदेश यात्रा, व्यापार या नौकरी हेतु जा सकते हैं।
¨ सफलता मिलेगी परंतु अपना पेपर वर्क पूरा रखें।
¨ कोई व्यक्ति आपको धोखा दे सकता है।
¨ मीन राशि स्वामी लग्ेश गुरु अपने से द्वादश में रहेंगे, इसलिए सब कुछ ठीक ठाक चलते हुए भी मान-सम्मान में कमी रहेगी।
¨ दूसरों से सहयोग कम से कम प्राप्त होगा।
¨ इसका असर आपके व्यवसाय पर भी पड़ेगा।
¨ इसलिए बहुत सचेत रहने की जरूरत है।
¨ नौकरी वालों को भी इस वर्ष अनावश्यक समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
¨ कैरियर के प्रगति का पहिया रुक सकता है। सावधानी से काम करें।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से प्रथम चार माह अनुकूल नहीं हैं। सावधानी बरतें।
¨ इस वर्ष मानसिक व शारीरिक परेशानियों से पीड़ित रहेंगे।
¨ पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष मिलाजुला रहेगा।
¨ जहां एक ओर जीवन साथी का पूर्ण सहयोग मिलेगा,वहीं दूसरी ओर पारिवारिक सदस्यों का विरोध भी झेलना पड़ सकता है।
¨ शिक्षा के दृष्टिकोण से यह वर्ष विद्यार्थियों के लिए अनुकूल रहेगा।
¨ परंतु वर्ष के प्रारंभिक चार महीने सफलता के लिए अतिरिक्त प्रयास और कठिन मेहनत की जरूरत पड़ेगी।
¨ बाकी का समय अनुकूल रहेगा।

आगे मैं आपको व्यवसाय, परिवार, युवा वर्ग, विद्यार्थी, यात्रा व स्वास्थ्य पर अलग-अलग विशेष रूप से जानकारी दूंगा। परंतु मेरा आपसे अनुरोध है कि मैं प्रजापति ब्रह्मा नहीं हूं जो आपके भविष्य के बारे में सौ प्रतिशत भविष्य वाणी कर सकूं। मैं तो मात्र अपने निज अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को आपके सामन बांटने आता हूं। संभव है, जो मैं कह रहा हूं उसमें कुछ कमी भी रह सकती है। आपको मेरे साथ नहीं रुकना चाहिए जो मैं कह रहा हूं वही पूर्ण सत्य है, इस पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। इससे आपकी खोज की यात्रा रुक जाएगी। आपको अपना शोध जारी रखना चाहिए। इसी में आपका कल्याण है, इसी में आपका भला है। हां, एक बात का दावा जरूर करूंगा कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही। कर्म ही करेंगे आपका कल्याण। कर्म सुधारो, मां-बाप की सेवा करो। पति-पत्नी धर्मानुकूल आचरण करो। और इस राष्ट्र के प्रति वफादारी और अपना कर्तव्य निभाते हुए इस महान कल्याणकारी महामंत्र ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करो, आपका भला होगा।

व्यवसाय और कै रियर के दृष्टिकोण से
¨ मीन राशि वालों के लिए व्यवसाय और कैरियर के दृष्टिकोण से यह वर्ष ठीकठाक रहेगा।
¨ परिश्रम का फल प्राप्त होगा।
¨ गुजारे लायक धन की प्राप्ति होगी।
¨ अर्थोपार्जन के साधन उपलब्ध होंगे।
¨ लंबे समय से रुका हुआ धन प्राप्त होगा ।
¨ व्यावसायिक कोर्ट-कचहरी के मामलों से छुटकारा मिलेगा।
¨ नौकरी और कैरियर के दृष्टिकोण से भी यह वर्ष मिलाजुला रहेगा।
¨ वैसे नौकरी में किसी प्रकार का ऊंच-नीच या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
¨ परंतु फिर भी अनावश्यक भय, भ्रम और भ्रांति की वजह से मानसिक तनाव रहेगा।
¨ नौकरी मेें मनोनुकूल स्थानांतरण नहीं मिलने की वजह से भी दुखी रहेंगे।
¨ परंतु इस समस्या का हल प्रयास करने से निकल जाएगा।
¨ हां, वैसे लोग जो नौकरी प्राप्ति के लिए दौड़धूप कर रहें हैं, उन्हें अवश्य सफलता प्राप्त होगी।

पारिवारिक स्थिति:-
¨ मीन राशि वालों के लिए पारिवारिक स्थिति इस वर्ष सामान्य अच्छी रहेगी।
¨ पारिवारिक स्थित में द्वादश भाव की भी भूमिका होती है।
¨ इस वर्ष द्वादश भाव से गुरु गोचर में वर्ष भर रहेगा।
¨ सप्तम भाव में शनि उच्च अभिलाषी है इसलिए शनि गुरु दोनों ही पारिवारिक शांति बढ़ायेंगे।
¨ घर में मंगल कार्य शादी विवाह के योग बनेंगे। कृपया, लाभ उठाएं।
¨ यह वर्ष महीनों के आधार पर निम् प्रकार से है।
¨ जनवरी का महीना लाभ देगा, घर में शांति देगा।
¨ फरवरी का महीना सामान्य रहेगा।
¨ खर्चों में वृद्धि होगी।
¨ यात्रा हो सकती है।
¨ मार्च का महीना सामान्य रहेगा
¨ परंतु मानसिक तनाव का फिर भी सामना करना पड़ सकता है।
¨ अप्रैल-मई दोनों महीननों में पारिवारिक वातावरण सौर्हाद्र पूर्ण रहेगा।
¨ आपसी भाई चारा बढ़ेगा।
¨ जून के महीना में घर में अनावश्यक वाद-विवाद और अशांति का वातावरण रहेगा।
¨ धैर्य से काम लें और बच्चों कि तरफ से चिंता बढ़ सकती है।
¨ अगस्त का महीना अति उत्तम फल देने वाला है।
¨ सितम्बर महीने में पारिवारिक सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर परेशान रहेंगे।
¨ पति-पत्नी में आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं कृपया, ध्यान रखें।
¨ अक्टूबर का महीना अच्छा नहीं है।
¨ वाहन दुर्घटना आदि की संभावना है।
¨ माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहेंगे।
¨ नवम्बर का महीना सामान्य है।
¨ दिसम्बर का महीना बहुत अच्छा रहेगा और सभी पारिवारिक सदस्य मिलजुल कर रहेंगे।
¨ घर में सुख-शांति स्थापित होगी।

युवा वर्ग:-
¨ युवा वर्ग के लिए यह वर्ष सामान्य अच्छा रहेगा।
¨ उन्हें व्यवसाय के नए अवसर प्रदान होंगे।
¨ नौकरी में पदोन्नति प्राप्त होगी।
¨ क्योंकि शनि दशम से दशम भाव सप्तम से गोचर में रहेंगे।
¨ शादी विवाह का अवसर प्राप्त होंगे।
¨ परंतु प्रयत्नशील रहना पड़ेगा।
¨ सभी कार्य अपने बुजुर्गों कि मदद से बनेंगे।
कृपया बुजुर्गों की सेवा में रहें।

विद्यार्थी वर्ग
¨ विद्यार्थी वर्ग के लिए भी यह वर्ष मेहनत से सफलता देगा।
¨ विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में विशेष रुचि पैदा करनी पड़ेगी।
¨ जो विद्यार्थी शुरु से ही पढ़ाई में प्रयत्नशील रहेंगे, उन्हें सफलता मिलेगी।
¨ आलस त्याग कर पढ़ाई के साधनों में ध्यान देना होगा।
¨ वर्ष के प्रारंभ में चार महीनों में सफलता के लिए अतिरिक्त कठिन परिश्रम की आवश्यकता पड़ेगी, अन्यथा परीक्षा परिणाम अनुकूल नहीं रह सकता है।

यात्रा
¨ मीन राशि वालों के लिए यात्रा के दृष्टिकोण से यह वर्ष शुभ व मंगलमय रहेगा।
¨ कारोबारी, धार्मिक व मंनोरंजन के दृष्टिकोण से अनुकूल व शुभ परिणाम प्राप्त होंगे।
¨ यात्राओं में नए मैत्री संबंध बनेंगे।
¨ साथ ही निजी वाहन से की गई यात्राओं को लेकर ज्यादा तनाव नहीं नजर आ रहा है।

स्वास्थ्य
¨ मीन राशि वालों के लिए इस वर्ष स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से वर्ष का प्रारंभिक दौर ठीक नजर नहीं आ रहा है।
¨ मई तक विशेष रूप से स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत महसूस होगी।
¨ खान-पान की अनियमितता एवं दैनिक दिनचर्या गड़बड़ाने से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
¨ शुगर, पेट संबंधी बीमारी, कब्ज, वायु विकार व लीवर संबंधी तकलीफ मन को परेशान कर सकती है। ध्यान रखें।
¨ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से प्रथम चार माह अनुकूल नहीं है। सावधानी बरतें।
¨ इस वर्ष मानसिक व शारीरिक परेशानियों से पीड़ित रहेंगे।

क्या न करें 2010 में
मीन राशि:-
मुसीबतों में सहज रहना पहचान है धैर्य वान पुरुषों की इस बात का ध्यान रखें।
किसी भी व्यक्ति को परमात्मा के प्रति श्रद्धावान होना अच्छा है।
लेकिन किसी के ऊपर अपनी श्रद्धा लादना ठीक नहीं है।
अपने विचार दूसरों पर नहीं लादें।
अपनों को साथ लेकर चलें।

क्या उपाय करें 2010 में
स्वास्थ्य में सुधार के लिए
¨ हर रोज सुबह शाम माता-पिता के चरण स्पर्श करें।
हर गुरुवार को पीले वस्त्र में सवा किलो चने की दाल बांधकर गौशाला में दान दें।
पक्षियों को दाना डालें व पानी रखें।
पारिवारिक सुख-शांति व बाधा निवारण के लिए
800 ग्राम मसूर की दाल बहते पानी में बहाएं या गरीब कन्याओं को दान में दें।
400 ग्राम खांड गुरुवार के दिन मंदिर में दान में दें।
400 ग्राम सिक्का नदी में बहाएं।
आर्थिक सुदृढ़ता के लिए
विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
गौशाला में गुड़ व जौ के आटे का दान करें।
प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त में बरगद के पेड़ की 108 परिक्रमा करना अति लाभकारी रहेगा।
संपूर्ण समस्याओं के निवारण के लिए 12 मुखी ग्यारह दानें रुद्राक्ष लाल धागे में सोमवार के दिन शुभ महुर्त में धारण करें। स्वच्छता का ध्यान रखें।

Tuesday, January 26, 2010

महामण्डलेश्वर दाती महाराज के स्वागत में उमड़ा शहर

सोजत रोड। फिजां में गूंजती बैंड की मधुर धुन पर थिरकते शनिभक्त, आसमां से होती पुष्प वर्षा, रथनुमा बग्गी पर सवार दाती महाराज, घोड़े पर विराजित संत समुदाय। मौका था महामण्डलेश्वर बनने के बाद सोमवार को प्रथम बार सोजतरोड पहुंचे संत मदन राजस्थानी के स्वागत कार्यक्रम का।

सुबह करीब साढ़े नौ बजे दाती महाराज दिल्ली मेल से सोजतरोड पहुंचे। उनके स्टेशन पहुंचते ही माहौल जयकारों से गूंज उठा। पूर्व सांसद पुष्प जैन, पाली नगर परिषद सभापति केवलचंद गुलेच्छा, विष्णुकुमार व्यास, लाल महाराज, सोजत विधायक संजना आगरी, नरेश ओझा, स्वामी परमचेतनानंद, मां श्रद्धा आदि ने उनका स्वागत कर आशीर्वाद लिया।

"मातृ भूमि की सेवा सबसे बड़ी"
आलावास के बाल ग्राम के खेल मैदान में हुई प्रवचन सभा में महामण्डलेश्वर ने कहा कि व्यक्ति के लिए मातृभूमि की सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। राष्ट्र सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। मैं राष्ट्र का सेवक बनकर राष्ट्रधर्म का निर्वाह कर रहा हूं। सच्चा संत वो है जो राष्ट्र धर्म की बात करे।आज हमारा राष्ट्र क्षेत्रीयता, प्रान्तीयता की भावना से ग्रस्त है। हमें इस भावना को त्यागकर अपने ह्वदय मेें राष्ट्रीयता की भावना पैदा करनी है।

हेलिकॉप्टर बना आकर्षण का केन्द्र
दाती महाराज के स्वागत के लिए निकाली गई शोभायात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर द्वारा पुष्पवर्षा की गई। हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा कस्बेवासियों के आकर्षण का केन्द्र बना रहा।

शोभायात्रा में उमड़ा सैलाब
रेलवे स्टेशन से घोड़ों, रथ व वाहनों के काफिले के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे घोड़ों पर सवार संत, गले में दुपट्टा डाले मोटर साइकिल चालक चल रहे थे। पीछे शनिभक्त झूमते-नाचते चल रहे थे। संत के स्वागत के लिए सोजतरोड से आलावास तक बड़े-बड़े होडिंüग्स लगे थे। दस फीट की दूरी पर तोरण द्वार बने हुए थे। सोजतरोड व्यापार मण्डल सहित सभी संगठनों के व्यक्तियों ने संत का स्वागत किया।

मुख्य बाजार, पुलिस थाना चौराहा, सुभाष मार्ग, सिसरवादा चौराहा, कृषि मण्डी रोड आदि स्थानों पर स्वागत को जनसैलाब उमड़ पड़ा। कृषि मंडी के पास विष्णुकुमार व्यास की अगुवाई में श्रीमती सुखीदेवी, किरण व्यास, श्रीमती आशा आदि महिलाओं ने दाती महाराज की जल कलश से आरती कर आशीर्वाद लिया।

स्वागत यात्रा के आलावास पहुंचने पर ग्रामीण महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर उनका स्वागत किया। आश्वासन बाल ग्राम के छात्रों ने परेड द्वारा संत को सलामी देकर अगवानी की।

इन्होंने की शिरकत
स्वागत कार्यक्रम में संजय मेहता, अशोक कुमार, सोजत उपखण्ड अधिकारी भागीरथ विश्नोई, तहसीलदार राजेश डागा, पुलिस उपअधीक्षक सुमित कुमार, नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल टांक, कांग्रेसी नेता रतनपंवार, रामपाल, गुड़ाकलां सरपंच मांगीलाल नायक, सोजतरोड सरपंच घीसूलाल गहलोत सहित शनिभक्त उपस्थित थे।

Saturday, January 23, 2010

दाती महाराज को महामंडलेश्वर की उपाधी